दिल्ली चुनाव रिजल्ट Flashback: 2015, 2020 में कैसे हुआ मतदान, किसे मिली थीं कितनी सीटें?
दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर पांच फरवरी को हुए मतदान के बाद आज वोटों की गिनती हो रही है। इससे पहले 2015 और 2020 में किस पार्टी ने कितनी सीटें जीती थीं। देखें पिछले चुनावों का रिजल्ट...

दिल्ली चुनाव रिजल्ट Flashback: 2015, 2020 में कैसे हुआ मतदान, किसे मिली थीं कितनी सीटें?
Netaa Nagari की इस विशेष रिपोर्ट में हम दिल्ली के पिछले चुनावों की प्रमुख घटनाओं पर नजर डालते हैं। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान और परिणामों की चर्चा करेंगे, ताकि हम जान सकें कि किस पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं और क्या फैक्टर रहे जो इन परिणामों को प्रभावित करने वाले थे। खबर लिखा है स्मिता शर्मा और अनुश्री मेहता ने, टीम Netaa Nagari द्वारा।
2015 का चुनाव: AAP की ऐतिहासिक जीत
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक प्रभावशाली जीत हासिल की। चुनावी प्रक्रिया में कुल 70 सीटों पर मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत था 67.12%, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक था। AAP ने 70 में से 67 सीटें जीतकर अपनी सत्ता में मजबूती बनाई।
2015 के चुनावों में AAP के मुख्य उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के मुख्य प्रवक्ता काजल निगम को हराया। इस चुनाव में भाजपा केवल 3 सीटों पर संतोष कर पाई, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। इस समय AAP का मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार और दिल्ली के मुद्दों को प्राथमिकता देना था।
2020 का चुनाव: AAP की दोबारा विजय
2020 में हुए चुनावों में भी AAP ने अपनी शानदार जीत का सिलसिला जारी रखा। इस बार उन्होंने कुल 70 में से 62 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 8 और कांग्रेस को फिर से कोई सीट नहीं मिली। मतदान प्रतिशत इस चुनाव में 62.59% रहा। चुनाव के दौरान AAP ने विकास कार्यों को प्रमुखता दी और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी जैसे मुद्दों पर भी अपने स्टैंड को स्पष्ट किया।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी जीत की बात करते हुए इसे दिल्ली की जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित था। इस बार भी भाजपा ने अपनी हार को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने अपनी तीन सीटों की संख्या को बनाए रखा।
निष्कर्ष
दिल्ली के पिछले दो चुनावों के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकाल के दौरान लोगों के बीच लोकप्रियता बढ़ाई है। 2015 और 2020 के चुनावों में AAP ने न सिर्फ सीटें जीतीं, बल्कि उन्होंने अपने विकासात्मक कामों के जरिए दिल्ली में अपनी एक स्थायी पहचान बनाई। चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदान प्रतिशत भी बढ़ा है, जो दर्शाता है कि जनता में राजनीतिक जागरूकता बढ़ी है।
आने वाले चुनावों में ये परिणाम विचारणीय होंगे। दिल्ली की जनता का मूड और उसके मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना अन्य पार्टियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। Netaa Nagari इस पर नजर बनाए रखेगा। अधिक अपडेट्स के लिए, विजिट करें netaanagari.com।
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