'शर्ते ऐसी कि हर किसी को नहीं मिलेगा लाभ', आयुष्मान योजना को लेकर देवेंद्र यादव का बीजेपी पर तंज
Delhi News: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने शुक्रवार (5 अप्रैल) को बीजेपी सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह योजना लागू करना अच्छा कदम है, लेकिन इसकी शर्तें ऐसी हैं कि हर जरूरतमंद को इसका लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने बीजेपी पर दिल्ली की जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया और दिल्ली के अस्पतालों की बदहाल स्थिति को सुधारने की मांग की. ‘अस्पतालों की हालत सुधारने पर ध्यान दे सरकार’ देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान योजना के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए अस्पताल आज बदहाली का शिकार हैं. केजरीवाल सरकार की नाकामी के चलते डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है. ज्यादातर ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं, दवाइयाँ उपलब्ध नहीं हैं और टेस्ट की सुविधाए न के बराबर हैं. बीजेपी सरकार को पहले इसे दुरुस्त करना चाहिए.” ‘आयुष्मान की शर्तें हर किसी के लिए नहीं’ यादव ने आयुष्मान योजना की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “बीजेपी इसका ढोल पीट रही है, लेकिन योजना की शर्तें ऐसी हैं कि अगर किसी के पास दोपहिया वाहन, टीवी या पक्का मकान है, तो उसे लाभ नहीं मिलेगा. देश की 145 करोड़ जनसंख्या में सिर्फ 25 लाख आयुष्मान वंदना कार्ड बने हैं और केवल 32,000 अस्पतालों में इलाज संभव है, जिनमें 14,000 से ज्यादा निजी हैं. यह हर किसी के लिए नहीं है.” ‘1 लाख कार्ड का लक्ष्य भ्रामक’ देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार का 10 अप्रैल तक 1 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य भ्रामक है. उन्होंने बताया, “दिल्ली में 4 लाख से ज्यादा लोग 70 साल से ऊपर के हैं. सरकार आयुष्मान वय वंदना कार्ड में उम्र को 60 साल तक करने की बात कर रही है, लेकिन अभी सिर्फ 1 लाख कार्ड का लक्ष्य है. अगर 68,000 अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारकों को प्राथमिकता दी जाएगी, तो बाकी के लिए सिर्फ 32,000 कार्ड ही बचेंगे. यह दावा कि हर गरीब को 10 लाख का मेडिकल कवर मिलेगा, जुमला साबित होगा.” ‘30 लाख लोगों का इलाज कैसे संभव?’ यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया, “दिल्ली की 3 करोड़ आबादी में अगर 10% लोग भी आयुष्मान कार्ड के तहत लाभ मांगेंगे, तो 30 लाख लोगों का इलाज कैसे होगा ? सरकार की योजना क्या है?” उन्होंने कहा कि पहले चरण में अंत्योदय अन्न योजना के 68,000 कार्डधारकों को लाभ मिलेगा, लेकिन बाकी जरूरतमंदों के लिए स्पष्ट रणनीति का अभाव है. ‘बीजेपी कर रही जनता को गुमराह’ कांग्रेस नेता ने कहा कि आयुष्मान योजना आज से दिल्ली में शुरू हो गई है, लेकिन इसके तहत मेडिकल सुविधाएं देने में बीजेपी जनता को भ्रमित कर रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अस्पतालों की स्थिति सुधारने और योजना की शर्तों को सरल करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंदों को लाभ मिल सके.

शर्ते ऐसी कि हर किसी को नहीं मिलेगा लाभ', आयुष्मान योजना को लेकर देवेंद्र यादव का बीजेपी पर तंज
नेता नगरी
नई दिल्ली: आयुष्मान भारत योजना, जो भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने के लिए जानी जाती है, इस पर अब एक नई बहस छिड़ गई है। देवेंद्र यादव, जो समाजवादी पार्टी के नेता हैं, ने हाल ही में बीजेपी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि "शर्तें ऐसी हैं कि हर किसी को लाभ नहीं मिलेगा।" उनकी यह टिप्पणी योजना की वास्तविकता को उजागर करती है, जिससे कई लोगों में चिंता बढ़ गई है।
आवश्यकता स्वास्थ्य सेवाओं की
भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहा है। आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करना है जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। लेकिन क्या यह योजना वास्तव में सभी की जरूरतों को पूरा कर रही है? देवेंद्र यादव के अनुसार, भाजपा सरकार की नीतियों में कई खामियां हैं।
आयुष्मान योजना की शर्तें
देवेंद्र यादव ने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया मुश्किल है। वह आरोप लगाते हैं कि लाखों भारतीय इस योजना से वंचित रह सकते हैं क्योंकि सरकार ने इसके लिए कई जटिल शर्तें रखी हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार के नियम केवल उस तंत्र को मजबूत करते हैं जो गरीबों को उनकी उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है।
बीजेपी का जवाब
बीजेपी ने इसके जवाब में कहा है कि आयुष्मान योजना ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई को छुआ है। सरकार का दावा है कि लाखों लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। हालांकि, विपक्ष के तर्क के खिलाफ, सरकार को यह साबित करने में कठिनाई हो रही है कि कैसे ये लाभ सभी वर्गों तक पहुँच रहे हैं।
आवश्यकता परिवर्तन की
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार आयुष्मान योजना को वास्तव में सफल बनाना चाहती है, तो उसे उसमें सुधार की आवश्यकता है। इसके अलावा, सभी लाभार्थियों को चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकार को शर्तों को सरल बनाना होगा। यह सही समय है कि प्रत्येक भारतीय को अपनी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले।
निष्कर्ष
आयुष्मान भारत योजना पर चल रही बहस इस बात की ओर इशारा करती है कि स्वास्थ्य सेवा में सुधार की आवश्यकता है। देवेंद्र यादव का तंज केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं है, बल्कि यह भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक आवश्यक सुधार की मांग है। अगर सही दिशा में कदम उठाए जाएं, तो यह योजना न केवल अधिक प्रभावी हो सकती है बल्कि असली जरूरतमंदों तक भी पहुँच सकती है।
संक्षेप में, यह स्पष्ट है कि शर्तें सरल बनानी होंगी ताकि हर व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सके। इसके लिए आवश्यकता है कि सरकार को गंभीरता से इस मुद्दे को देखना चाहिए।
फिलहाल, सभी की नजरें आयुष्मान योजना के भविष्य पर टिकी हैं। क्या सरकार इसे सुलभ बनाएगी? यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है।
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