छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के एक्शन के बीच 9 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 26 लाख का था इनाम
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुधवार को 9 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. इन नक्सलियों पर 26 लाख का इनाम घोषित था. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में छह महिलाएं शामिल हैं. सुकमा की एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सली सीआरपीएफ अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने पेश हुए और सरेंडर कर दिया. सरेंडर की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि वे नक्सलियों के खोखले और अमानवीय विचारधारा से निराशा हैं और साथी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) मतभेद बढ़ रहे हैं. एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और अंदरुनी इलाकों में पुलिस कैम्प की स्थापना के कारण नक्सली अब बैकफुट पर आ गए हैं. इन नक्सलियों ने नियाद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है. इस योजना के तहत सरकार दूरवर्ती गांवों के विकास का काम कर रही है. #WATCH | Chhattisgarh: 9 Naxalites surrendered before Sukma SP Kiran Gangaram Chavan today pic.twitter.com/Ryu5FAXjgc — ANI (@ANI) March 26, 2025 सरेंडर करने वालों में 22 साल का बंडू ऊर्फ बंडी मडकाम शामिल है जो कि पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की कंपनी 2 का सदस्य है. उसके ऊपर 8 लाख का इनाम घोषित था. किसी पर 5 लाख तो किसी पर 2 लाख का इनाम एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि इसके अलावा एरिया कमिटी के सदस्य मसे ऊर्प वेट्टी कन्नी (45) और पदम सम्मी (32) पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. एक महिला और तीन पुरुष सदस्यों पर 2-2 लाख का इनाम घोषित था. बंडू कई नक्सली हमलों में शामिल था जिनमें से एक 2020 में मनपा में घात लगाकर किया गया हमला भी था जिसमें 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे. इन एजेंसियों की सरेंडर में रही अहम भूमिका सरेंडर करने वाले नक्सली सुरक्षाबलों पर हुए विभिन्न हमलों में शामिल थे. चिंतलनाड़ पुलिस थाने के पुलिसकर्मी, जिला रिजर्व गार्ड, इंटेलिजेंस ब्रांच, सीआरपीएफ और इसकी इकाई कोबरा ने इनके सरेंडर में अहम भूमिका निभाई है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 25-25 हजार रुपये की मदद दिलाई जाएगी. साथ ही सरकार की नीतियों के अनुरूप उनका पुनर्वास कराया जाएगा. बता दें कि बीते साल 2024 में कुल 792 नक्सलियों ने बस्तर क्षेत्र में सरेंडर कर दिया था. सुकमा बस्तर का ही हिस्सा है.

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के एक्शन के बीच 9 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 26 लाख का था इनाम
Netaa Nagari - छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों के सख्त एंटी-नक्सल अभियान के दौरान, 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये सभी नक्सली अन्य मामलों में शामिल थे और इन पर कुल 26 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई का प्रभाव
दंतेवाड़ा में स्थित सुरक्षाबलों ने हाल के दिनों में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए हैं। इन ऑपरेशनों के चलते, कई नक्सली आत्मसमर्पण करने को मजबूर हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सली गतिविधियों को धीरे-धीरे समाप्त करने में मदद कर रही है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की पहचान
इस हालिया सरेंडर में शामिल नक्सली विभिन्न सुरक्षाबलों के लिए महत्वपूर्ण मोर्चे पर काम कर रहे थे। उन्होंने अपनी पहचान बताई और कहा कि यह जीवन की कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं से थक कर किया गया कदम है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को राज्य सरकार के द्वारा पुनर्स्थापना योजना के तहत सहायता दी जाएगी।
सरकार की पुनर्स्थापना योजना
सरकार नक्सल-समर्पणकर्ताओं के लिए पुनर्स्थापना योजना लागू कर रही है, जिसमें उन्हें रोजगार की पेशकश की जाएगी, साथ ही सुरक्षित आवास और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लाना है।
नक्सलवाद का बढ़ता संकट
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह राज्य की विकास प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। हालांकि, सुरक्षाबलों की सक्रियता और इस प्रकार के सरेंडर से स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष
इन 9 नक्सलियों का सरेंडर न केवल सुरक्षाबलों की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह यह भी दिखाता है कि नक्सलवाद के खिलाफ स्थानीय नागरिकों की आवाज उठ रही है। हमें उम्मीद है कि सरकार द्वारा संचालित पुनर्स्थापना योजना से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आ सकेगा।
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