'ऑटो ई रिक्शा से नहीं जाएंगे, बस में ही सुरक्षित रहेंगे बच्चे, मंत्री शीला मंडल का दो टूक जवाब
Patna News: एक अप्रैल से राज्य के सभी स्कूलों में बच्चों के आने जाने के लिए ऑटो और ई रिक्शा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसको लेकर परिवहन विभाग के अनुरोध पर पटना पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला के एसएसपी और एसपी को कार्रवाई करने के लिए आदेश भी जारी कर दिया है. तो इसके विरोध में आंदोलन भी लगातार हो रहे है. बीते दो दिनों से ऑटो चालक संघ और ई रिक्शा चालक संघ गर्दनीबाग धरनास्थल पर धरना देकर सरकार के खिलाफ आंदोलन में जुट गए हैं और न्यायालय की शरण में जाने का निर्णय ले लिया है, लेकिन इस आंदोलन के जवाब में परिवहन विभाग के मंत्री शिला मंडल ने दो टूक जवाब दिया है कि इस नियम में बदलाव नहीं होने वाला है. ऑटो, ई रिक्शा संघ के जरिए लगातार आंदोलन किए जाने पर और इस नियम को वापस लेने की मांग पर मंत्री शीला मंडल ने कहा कि ऑटो के परिचालन को लेकर कई बार सवाल उठे हैं तो सबसे पहले तो कलर कोड ऑटो कर दिया गया है, जिससे कि जाम की समस्या ना हो. उसके बाद स्कूल के मामले में कई बार ऐसी घटना हुई है जिसमें सड़क दुर्घटना में टेंपो, ई रिक्शा से जा रहा है बच्चों की सड़क दुर्घटना में मौत भी हुई है. उसकी बड़ी बजह है कि ऑटो वाली रिक्शा जितने बच्चे बैठने चाहिए उससे ज्यादा ज्यादा बैठा कर चलते हैं. इस समस्या को लेकर कई गार्जियन भी हमारे पास आए थे तो बच्चों की सुरक्षा को देखकर के परिवहन विभाग ने यह काम किया है. हमारा विभाग हमेशा आम जनता के हित के लिए काम करता है. सबके मन में यही रहता है कि बाल बच्चे सुरक्षित रहेंगे तो घर परिवार सुरक्षित रहेगा. ऐसी बातें आ रही है कि पूंजीपति बस मलकों को सहायता करने के लिए इस तरह का निर्णय लिया गया है. इस पर शीला मंडल ने कहा कि इस तरह की जब बातें होती है तो जिनके खिलाफ जो होता है वह अनर्गल बातें करते हैं. गार्जियन के जेब पर अधिक बोझ बढ़ने पर उन्होंने कहा कि बोझ कैसे बढ़ेगा ,हमने क्या अपने बच्चों को नहीं पढ़ाया है. ऐसी बात नहीं है कि हमारे बच्चे नहीं पढ़े हैं. बच्चों को गाड़ी में बैठने की व्यवस्था हो, बच्चे बस में पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और अभी गर्मी का दिन है बस में लू लगने का भी चांस नहीं रहता है. उन्होंने बच्चों के सुरक्षा को लेकर कहा कि जो भी स्कूल में बसें चलती हैं उसे पर उनमें सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस लगाने का निर्देश दिया गया है. स्कूल में कितनी बसें चल रही है सब की निगरानी विभाग रख रही है और बस में क्या सुविधा है उसे पर भी निगरानी की जा रही है. इसलिए हम लोगों ने इस तरह का कदम उठाया है और बच्चों के हित में है. इसे परिवहन विभाग कभी वापस नहीं लगी. महात्मा गांधी सेतु पर जाम की समस्या को लेकर मंत्री शीला मंडल ने कहा कि बहुत जल्द रूट बदले जाएंगे. अभी काम चल रहा है, कोई भी काम होता है तो परेशानी थोड़ी होती है. अभी अर्ध निर्मित है वह काम पूरे हो जाएंगे तो सब कुछ ठीक हो जाएगा. अब तो उतना जाम नहीं रहता है पहले गंगा पर पुल कम थे अब पुल अधिक हो गए हैं. ये भी पढ़ें: Bihar Crime: रोहतास में रील्स बनाने से खफा पति ने कर दी पत्नी की हत्या, शव गायब करने का आरोप

ऑटो ई रिक्शा से नहीं जाएंगे, बस में ही सुरक्षित रहेंगे बच्चे, मंत्री शीला मंडल का दो टूक जवाब
Netaa Nagari
शिक्षा मंत्री शीला मंडल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऑटो ई रिक्शा से स्कूल नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उन्हें बसों में ही सुरक्षित रखा जाएगा। इस फैसले के पीछे सुरक्षा के दृष्टिकोण को बताया गया है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम
मंत्री मंडल ने यह टिप्पणी एक कार्यक्रम के दौरान की जहाँ उन्होंने बच्चो के सुरक्षित परिवहन के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “हम सभी माता-पिता को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हम कड़े कदम उठा रहे हैं। बसों में परिवहन एक सुरक्षित विकल्प है और हम इसे ही प्राथमिकता देंगे।”
ऑटो ई रिक्शा के खतरों पर ध्यान
मंत्री ने आगे कहा कि ऑटो ई रिक्शा में कई बार बच्चों की सुरक्षा से समझौता किया जाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह छोटे वाहनों में यात्रा करना कभी-कभी जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इनकी सुरक्षा मानक सरकारी बसों की तुलना में कम होते हैं।
माता-पिता की प्रतिक्रिया
माता-पिता ने मंत्री मंडल के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्हें लगता है कि यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक साबित होगा। एक माता-पिता ने कहा, “हमें खुशी है कि सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। ऐसे निर्णय से हमें सुरक्षित महसूस होता है।”
भविष्य की योजनाएं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सरकार विभिन्न उपायों पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत नए बस मार्गों का निर्माण, बसों की संख्या में वृद्धि और सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले वाहनों का चयन शामिल है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, शिक्षा मंत्री शीला मंडल का यह कदम बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित परिवहन बहुत महत्वपूर्ण है, और इस परिवर्तन से निश्चित रूप से माता-पिता को भी राहत मिलेगी। इसलिए, यह कहना सत्य होगा कि बच्चे अब बसों में सुरक्षित रहेंगे, और ऑटो ई रिक्शा की जगह बसों में यात्रा करेंगे।
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