वक्फ बिल पर टेंशन! नीतीश कुमार के साथ चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ीं, अब LJPR में इस्तीफा शुरू
Waqf Amendment Bill 2025: वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास तो हो गया है लेकिन कुछ पार्टियों के लिए ऐसा लग रहा है कि टेंशन बढ़ गई है. खासकर नजर बिहार पर है. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा देना शुरू किया तो आग की लपटें अब चिराग पासवान की पार्टी तक भी पहुंच गए हैं. सीएम नीतीश कुमार के साथ अब चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. गौरतलब हो कि नीतीश कुमार की पार्टी (जेडीयू) के साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है. बिल के समर्थन के बाद पार्टी के भीतर मुस्लिम नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. खबर है कि एलजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अली आलम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह कहना है कि बिल मुसलमानों के खिलाफ है. यह सब ऐसे वक्त में हो रहा है जब बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में मुस्लिम नेताओं का जेडीयू और एलजेपी (रामविलास) से इस्तीफा देना एक तरह से झटका ही है. हालांकि जेडीयू की ओर से तो यह बयान आया है कि जिन नेताओं ने इस्तीफा दिया है उनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है. जेडीयू से कौन-कौन दिया इस्तीफा? बता दें कि जेडीयू में इस्तीफा देने वालों की लंबी लिस्ट है. जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और पूर्वी चंपारण जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया है. अब इस्तीफे का दौर एलजेपीआर में शुरू हो गया है. गुलाम गौस ने बुलाई है प्रेस कॉन्फ्रेंस उधर दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के खिलाफ लगातार बोलने वाले जेडीयू नेता और एमएलसी गुलाम गौस शनिवार (05 अप्रैल) को पटना में प्रेस वार्ता करेंगे. पार्टी कार्यालय में दोपहर एक बजे से यह प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है. इसमें एमएलसी आफाक आलम और एमएलसी खालिद अनवर भी मौजूद रहेंगे. कहकशां परवीन और अफजल अब्बास जैसे नेता मौजूद रहेंगे. देखना होगा कि क्या कुछ कहा जाता है. यह भी पढ़ें- JDU के कद्दावर मुस्लिम नेता गुलाम गौस भी छोड़ेंगे नीतीश कुमार का साथ? क्लियर किया स्टैंड

वक्फ बिल पर टेंशन! नीतीश कुमार के साथ चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ीं, अब LJPR में इस्तीफा शुरू
Netaa Nagari - हाल ही में बिहार की सियासत में वक्फ बिल को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। नीतीश कुमार के साथ चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राजनीतिक हलचल के बीच अब कहा जा रहा है कि LJPR पार्टी में इस्तीफों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
वक्फ बिल का मामला
वक्फ बिल, जो मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों के प्रबंधन और उनके अधिकारों को लेकर है, बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह बिल न केवल समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नीतीश कुमार और चिराग पासवान की राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर रहा है। बिहार में ताजा राजनीतिक गतिरोध के बीच यह बिल एक नई मुश्किल बनकर उभरा है।
नीतीश कुमार और चिराग पासवान का ताजा संघर्ष
नीतीश कुमार, जो बिहार के मुख्यमंत्री हैं, और चिराग पासवान, जो लोक जनशक्ति पार्टी के नेता हैं, के बीच यह मामला तनाव का कारण बन रहा है। चिराग पासवान ने वक्फ बिल के विरोध में अपनी बात रखी है और कहा है कि यह बिल समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं नीतीश कुमार का कहना है कि यह बिल सबके लिए फायदेमंद है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजियों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।
LJPR में इस्तीफों का सिलसिला
इस्तीफों की बात करें, तो चिराग पासवान की पार्टी में अब कुछ नेताओं ने अपने पद छोड़ने के संकेत दिए हैं। यह इस्तीफे आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं यदि स्थिति नहीं सुधरी। पार्टी के अंदरखाने में खींचतान साफ नजर आ रहा है, जिसमें कुछ नेताओं का मानना है कि चिराग पासवान ने सरकार के साथ उचित तालमेल नहीं बनाया है।
राजनीतिक परिणाम
अगर यह राजनीतिक टकराव जारी रहा, तो इसका असर बिहार की राजनीति पर पड़ेगा। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि यह संघर्ष आगे चलकर बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर चुनावों के नज़दीक।
निष्कर्ष
वक्फ बिल को लेकर चल रही बहस और इसके पीछे छिपी राजनीतिक गतिविधियाँ यह संकेत देती हैं कि बिहार में स्थिति गम्भीर है। नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच टकराव राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है। आगे क्या होगा, यह देखना प्रमुख होगा।
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