जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाहीः तीन की मौत, कई लापता, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी नुकसान पहुंचाया। रामबन की राजगढ़ तहसील में हुई इस आपदा में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें तुरंत प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गई हैं और लापता लोगों की खोज में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। रामबन के गडग्राम में हुआ हादसा स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह घटना राजगढ़ तहसील के गडग्राम क्षेत्र में हुई। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, और दो अन्य लोगों...

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाहीः तीन की मौत, कई लापता, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
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श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी नुकसान पहुंचाया। रामबन की राजगढ़ तहसील में हुई इस आपदा में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें तुरंत प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गई हैं और लापता लोगों की खोज में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
रामबन के गडग्राम में हुआ हादसा
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह घटना राजगढ़ तहसील के गडग्राम क्षेत्र में हुई। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, और दो अन्य लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
प्रशासन तुरंत हरकत में आया
घटना की सूचना मिलते ही रामबन के उपायुक्त इलियास खान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी रात करीब 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। स्थानीय निवासी भी बचाव दल का सहयोग कर रहे हैं जिससे राहत कार्यों को गति मिली है।
कई जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं
जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में बादल फटने की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। रामबन के अलावा किश्तवाड़, कठुआ और डोडा जिलों में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी समस्याओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में और बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
किश्तवाड़ में पहले भी मची थी भारी तबाही
हाल ही में किश्तवाड़ जिले के चोसिती गांव में मचैल माता तीर्थयात्रा मार्ग पर बादल फटने से भयानक स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस हादसे में लगभग 60 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें दो सीआईएसएफ जवान और कई तीर्थयात्री शामिल थे। इस घटना में 50 से 220 लोग लापता बताए गए, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटे हैं, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस आपदा के बीच, स्थानीय प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द लापता लोगों को खोज निकाला जाए और प्रभावितों को सहायता प्रदान की जाए। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे भी सतर्क रहें और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
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- लेखिका: सुमन, नisha, और अन्य, टीम netaanagari
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