आतिशी समेत AAP विधायकों ने उठाई कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग, सदन से किए गए बाहर
AAP MLAs On Kapil Mishra: राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से 2020 के दिल्ली दंगे को लेकर कपिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है. जिसके बाद से ही लगातार आम आदमी पार्टी कपिल मिश्रा और भाजपा पर हमलावर हो गयी है. आम आदमी पार्टी ने कपिल मिश्रा पर मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव भी बढ़ा दिया है. नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत 'आप' विधायकों ने सदन में भाजपा सरकार से कपिल मिश्रा का इस्तीफा लेने की मांग उठाई, इसपर स्पीकर द्वारा 'आप' विधायकों को मार्शलों के ज़रिए सदन से बाहर निकाल दिया गया. इसके बाद AAP विधायकों ने ‘कपिल मिश्रा इस्तीफा दो’ का बैनर लेकर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इस दौरान आतिशी ने कहा, ''एक दंगाई दिल्ली में मंत्री नहीं हो सकता. जब हमने सदन में कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग उठाई, तो बौखलाई भाजपा सरकार ने हमें सदन से निकाल दिया. लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे. दिल्ली दंगे के लिए जिम्मेदार कपिल मिश्रा की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे.'' कपिल मिश्रा को पुलिस क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही- आतिशी नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आगे कहा, ''कोर्ट ने 2020 के दंगे को लेकर कपिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. पूरी दिल्ली और देश ने देखा था कि कपिल मिश्रा ने दंगे भड़काए थे. दिल्ली दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी, उनका खून कपिल मिश्रा के हाथों पर है. कपिल मिश्रा ने ही दंगे भड़काए थे. जिन लोगों पर दिल्ली दंगे का एफआईआर है, वो सारे लोग तिहाड़ जेल के अंदर हैं. फिर कपिल मिश्रा को दिल्ली पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है? 'कपिल मिश्रा को मंत्रिमंडल से बाहर क्यों नहीं निकाला जा रहा' उन्होंने सवाल उठाते हुए आगे कहा कि सीएम रेखा गुप्ता मंत्री कपिल मिश्रा को अपने मंत्रिमंडल से बाहर क्यों नहीं कर रही हैं? रेखा गुप्ता कहती हैं कि सौहार्दता होनी चाहिए. दिवाली में अली और रमजान में राम हैं तो जिस पर दंगों का आरोप लगा है और कोर्ट ने उस पर एफआईआर करने के आदेश दिए हैं, वह मंत्रिमंडल से बाहर क्यों नहीं निकाला जा रहा है? कपिल मिश्रा को इस्तीफा देना होगा- आतिशी AAP नेता आतिशी ने दोहराते हुए कहा, ''कपिल मिश्रा को इस्तीफा देना होगा. कैसे एक दंगाई मंत्री हो सकता है? कपिल मिश्रा दिल्ली दंगों के लिए जिम्मेदार हैं. 53 लोगों की जान गई और सैकड़ों लोगों को चोटें लगी थी और करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी खत्म हो गई. कपिल मिश्रा के दंगे भड़काने की वजह से ही इतने लोगों की मौत हुई थी. भाजपा की सरकार कपिल मिश्रा को क्यों बचा रही है? कपिल मिश्रा का इस्तीफा ले लिया जाए तो आम आदमी पार्टी के सभी विधायक सदन में खुद वापस आ जाएंगे. भाजपा कपिल मिश्रा को क्यों बचा रही है? क्या भाजपा भी इस दंगे में शामिल थी, इसलिए कपिल मिश्रा को बचा रही है.'' कपिल मिश्रा के खिलाफ AAP का प्रदर्शन जारी रहेगा-आतिशी आतिशी ने कहा कि पूरे देश में ऐसी कोई सरकार नहीं होगी, जिसमें किसी दंगाई को मंत्री बनाया जाता है और वह भी कानून मंत्री बनाया जाता हो. आज दिल्ली की कानून व्यवस्था ऐसी व्यक्ति के हाथ में है, जो खुद दंगाई है और कोर्ट ने उसके खिलाफ दंगा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. इसलिए जब तक कपिल मिश्रा का इस्तीफा नहीं हो जाता है, आम आदमी पार्टी का उनके खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा, ''मंगलवार को जिस तरह से कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि पांच साल पहले 2020 में दिल्ली में हुए दंगे में कपिल मिश्रा की प्रथम दृष्टया शामिल होने का दस्तावेज दिख रहा है. ऐसे में कपिल मिश्रा को दिल्ली पुलिस क्यों बचा रही थी? दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच में कपिल मिश्रा का नाम नहीं लिया. इसका सीधा मतलब यह है कि केंद्र सरकार के कहने पर पुलिस ने कपिल मिश्रा को बचाया.'' उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति दंगा में शामिल हो और उसके कारण दर्जनों लोगों की मौत हुई हो, उसको मंत्री बनने का कोई अधिकार नहीं है. हमने सदन में मांग की है कि भाजपा को तत्काल कपिल मिश्रा से मंत्री से इस्तीफा ले लेना चाहिए.

आतिशी समेत AAP विधायकों ने उठाई कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग, सदन से किए गए बाहर
लेखिका: मीरा शर्मा, टीम नेता नगरी
दिल्ली की राजनीतिक गलियों में हलचल बढ़ती जा रही है। हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन से बाहर जाने का फैसला किया। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब कपिल मिश्रा ने पूर्वांचल के मुद्दों पर बोलते हुए कुछ विवादास्पद टिप्पणियाँ की।
क्या है पूरे मामले की Hintergrund?
कपिल मिश्रा, जो कि AAP के वरिष्ठ नेता हैं, ने सदन में कुछ ऐसे बयान दिए, जो विरोधी दलों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के सदस्यों को भी भा नहीं आए। आतिशी, जो की पार्टी की प्रमुख नेताओं में से एक हैं, ने इस बात का विरोध करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा सकती हैं। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं का हमारे प्रति विश्वास बना रहना बेहद ज़रूरी है।”
सदन में क्या हुआ?
सदन में कपिल मिश्रा के बयान के बाद AAP के अन्य विधायकों ने अपना विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। विधायक विनय मिश्रा ने कहा, "हम विभागीय मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, न कि ऐसे अप्रासंगिक मुद्दों पर।" यह विवाद तब और बढ़ गया जब कपिल मिश्रा ने तीखे शब्दों में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हमला किया।
AAP का रुख और विरोध
AAP के कई विधायकों ने सार्वजनिक रूप से कपिल मिश्रा के खिलाफ आवाज उठाई। आतिशी ने कहा, "हमारी पार्टी एकजुटता और पारदर्शिता पर आधारित है, और कोई भी ऐसा बयान जो हमारी नीतियों को कमजोर करे, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।" इसके बाद, विद्यमान AAP विधायकों ने सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विचार विमर्श
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP में यह तनाव पार्टी के भीतर गहरे ध्रुवीकरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पार्टी की छवि पर असर पड़ेगा, बल्कि विधानसभा चुनावों में भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
निष्कर्ष
इस विवाद के बाद, AAP को अपने आधार को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि उसकी नीति और सिद्धांतों पर कोई प्रश्न न उठ सके। कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग करना एक बड़ा कदम है, जो आगे चलकर पार्टी की दिशा तय करेगा। क्या AAP इस मुश्किल समय में एकजुट रह सकेगी? यह देखना होगा।
कम शब्दों में कहें तो, AAP विधायकों ने कपिल मिश्रा के विवादास्पद बयानों के खिलाफ आवाज उठाई और सदन से बाहर चले गए, जिसका असर पार्टी की कुछ नीतियों पर पड़ सकता है।
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