बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में नया मोड़: प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल
Round The Watch News: बदरीनाथ धाम के चढ़ावे और भेंट सामग्री में हेराफेरी का मामला करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर गंभीर सवालों के साथ सामने आया है। इस बार निलंबित और गिरफ्तार बीकेटीसी कार्मिक प्रमोद नौटियाल की असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी मीतू नौटियाल ने गढ़वाल मंडल आयुक्त एवं जांच समिति के अध्यक्ष के समक्ष … The post बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में नया मोड़, प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने जांच समिति के सामने उठाए गंभीर सवाल appeared first on Round The Watch.
बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में नया मोड़: प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल
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कम शब्दों में कहें तो, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और भेंट सामग्री में अनियमितता के मामले में एक नया मोड़ आया है। प्रमोद नौटियाल की पत्नी मीतू नौटियाल ने जांच समिति के समक्ष गंभीर सवाल उठाए हैं, जो इस मामले को और जटिल बनाते हैं।
बदरीनाथ धाम के चढ़ावे और भेंट सामग्री में संलिप्तता का मामला करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर गरमाया है। इस बार निलंबित और गिरफ्तार बीकेटीसी कार्मिक प्रमोद नौटियाल की पत्नी, जो एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, ने गढ़वाल मंडल आयुक्त एवं जांच समिति के अध्यक्ष के सामने लिखित बयान देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने बयान में आरोप लगाया है कि उनके पति को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है।
पत्नी का दावा—बरामदगी फर्जी, कमरा सील ही नहीं था
मीतू नौटियाल ने गंभीर आरोप लगाया है कि बदरीनाथ स्थित नीलकंठ धर्मशाला का कमरा, जहाँ उनके पति ठहरे थे, वे 5 जुलाई को छोड़ चुके थे और तलाशी के समय वह कमरा सील नहीं था। उन्होंने जांच समिति से रजिस्टर की जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उस कमरे में किस-किस यात्री ने ठहराव लिया था। इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि 5000 रुपये और नेपाली मुद्रा जैसे अन्य सामान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कमरे में रखा गया हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा है कि परिवार की सभी संपत्तियों का विवरण जांच अधिकारी को सौंपा जा चुका है। परिवार के पास सिर्फ दो प्लॉट और एक जमीन है, जो बिक्री से प्राप्त धन पर खरीदी गई है।
सीसीटीवी फुटेज पर सवाल
मीतू ने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज में प्रमोद को पैसे निकालते नहीं देखा गया। उनका आरोप है कि पैसे और अन्य सामग्री को कहीं और रखे जाने की संभावना है, लेकिन वह खुद पैसे उठाने की बात को नहीं मानतीं।
उन्होंने 12 जुलाई को रात की पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी घर आए और प्रमोद को चौकी ले जाने का कहकर ले गए। परिवार का दावा है कि उन्हें यह बताया गया था कि प्रमोद नेहरू कॉलोनी पुलिस स्टेशन में हैं, लेकिन फिर पता चला कि उन्हें बदरीनाथ ले जाया गया।
प्रोटोकॉल अधिकारी बनाए जाने पर सवाल
मीतू नौटियाल ने यह भी सवाल किया है कि पति को अचानक बदरीनाथ भेजे जाने के पीछे क्या षड्यंत्र है। उन्होंने जांच समिति से पूछा कि वह पहले देहरादून में कार्यरत थे, लेकिन उन्हें अचानक बदरीनाथ कैसे भेजा गया?
उनका यह भी कहना है कि यदि किसी ने प्रमोद को पैसे लेते हुए देखा था तो पुलिस चौकी को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई? उनके अनुसार, यदि प्रमोद 2 से 5 जुलाई के बीच वहीं थे तो उस दौरान तलाशी क्यों नहीं ली गई?
परिवार का पृष्ठभूमि और सेवा रिकॉर्ड
मीतू ने अपने बयान में परिवार की पृष्ठभूमि और प्रमोद के सेवा संबंधी गोपनीय आख्या का हवाला देते हुए कहा है कि 2025 तक की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि प्रमोद के कार्यों के प्रति अधिकारियों की संतुष्टि थी। उनके परिवार में चिकित्सक, अभियंता जैसे उच्च स्तरीय पेशेवर शामिल हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच के बाद उनके पति के खिलाफ कथित षड्यंत्र सामने आएगा।
इस पूरे प्रकरण का इतिहास
बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण की शुरूआत 2 जुलाई, 2026 को ‘थाली भेंट’ की गणना के दौरान हुई वित्तीय अनियमितता की सूचना से हुई। प्रमोद नौटियाल पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अनधिकृत तरीके से धनराशि और भेंट सामग्री को ले जाने का कार्य किया। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और पुलिस में FIR दर्ज की गई।
बिगड़ते हालात और जांच की गति को ध्यान में रखते हुए, एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उनकी कस्टडी विवादों का विषय बनी रही।
अगस्त में नया मोड़, तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
जांच का दायरा बढ़ता गया और मनोज कुमार नामक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे अब मामला और विस्तार में गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब जांच का दायरा सिर्फ प्रमोद तक सीमित नहीं है।
जांच की मुख्य कड़ियाँ
- सीसीटीवी फुटेज: 02 जुलाई की फुटेज को जांच का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
- बरामदगी: प्रमोद के ठिकाने से मिली सामग्री की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
- संपत्ति की जांच: प्रमोद की संपत्ति और आय के स्रोतों की गहन जांच चल रही है।
- अन्य कर्मचारियों की भूमिका: पूर्व मंदिर अधिकारी और सुरक्षा गार्ड की गिरफ्तारी ने जांच के दायरे को बढ़ाया है।
- मंदिर की आंतरिक व्यवस्था: गणना कक्ष और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
- उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच: मुख्यमंत्री द्वारा गठित समिति इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
मामले में आगे की कार्रवाई
मीतू नौटियाल के बयान ने प्रकरण में एक नया जांच-बिंदु जोड़ा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और एसआईटी की ओर से बताई गई बरामदगी और साक्ष्य की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होती है या नहीं। इन सवालों का जवाब अब जांच समिति और अदालत की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगा।
अखिल भारतीय उच्चस्तरीय जांच समिति द्वारा की जा रही जांचों से यह दिखता है कि अब मामला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क पर भी केंद्रित है।
निष्कर्ष रूप में, यह मामला न केवल एक व्यक्ति को निशाना बना रहा है बल्कि एक व्यापक प्रणाली में मौजूद समस्याओं को भी उजागर कर रहा है। इसके लिए जनता के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता है। टीम नेटा नागरी, समीरा शर्मा
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