उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का नया मामला, इंजीनियरिंग कॉलेज पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड में एक बार फिर छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया है। अल्पसंख्यक केंद्र पोषित छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर देहरादून के एक निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद विशेष … The post उत्तराखंड छात्रवृत्ति घोटाला, इंजीनियरिंग कॉलेज पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज appeared first on Round The Watch.

Jun 9, 2026 - 09:37
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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का नया मामला, इंजीनियरिंग कॉलेज पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा
उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का नया मामला, इंजीनियरिंग कॉलेज पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा

उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का नया मामला, इंजीनियरिंग कॉलेज पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा

अमित भट्ट, देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर छात्रवृत्ति घोटाले की चर्चा सामने आई है। अल्पसंख्यक केंद्र पोषित छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर देहरादून के दून कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद विशेष जांच दल (SIT) की जांच को अभूतपूर्व गति मिलने की संभावना बढ़ गई है।

डॉक्टर जेएस रावत, जो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हैं, की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का कार्य शुरू कर दिया है।

SSIT की भूमिका और पृष्ठभूमि

राज्य सरकार ने पहले से ही अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में संभावित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT को राज्य के 95 शिक्षण संस्थानों में छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण और आवंटन की प्रक्रिया की जांच का कार्य सौंपा गया था। हालांकि, अब तक किसी भी जिले में मामले दर्ज नहीं होने के कारण जांच की गति धीमी थी।

गंभीर अनियमितताएं उजागर

जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी: दून कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में छात्रवृत्ति आवंटन के संबंध में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। समाज कल्याण निदेशालय के आईटी सेल द्वारा की गई जांच के अनुसार, छात्रवृत्ति का लाभ उठाने वाले सभी छात्र उत्तराखंड के बाहर के राज्यों से संबंधित थे। भयावह तथ्य यह है कि जिन नोडल अधिकारियों ने छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों का सत्यापन किया, वे भी उत्तराखंड के बाहर के क्षेत्रों से थे। इससे छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

SIT की जांच को मिलेगा नई दिशा

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद SIT को कानूनी आधार प्राप्त होगा, जिससे अन्य संदिग्ध संस्थानों की जांच में तीव्रता आ सकेगी। वर्तमान में, जांच एजेंसियां छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों, लाभार्थियों, सत्यापन प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही हैं।

नवीनतम छात्रवृत्ति घोटाला

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में कई छात्रवृत्ति घोटाले सामने आए हैं, और यह नया मामला एक बार फिर छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्न उठाता है। वर्तमान में, सभी की नजरें SIT की जांच पर टिक गई हैं, जो न केवल अनियमितताओं के दायरे को निर्धारित करेगी बल्कि इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड का यह छात्रवृत्ति घोटाला एक बार फिर से शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों को उनके अधिकारों का चुनाव करने और विभिन्न योजनाओं के सही क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

जानकारी के लिए, नेट्टा नगरी पर अधिक अपडेट्स के लिए संपर्क करें।

— टीम नेट्टा नगरी, प्रिया शर्मा

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