मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा: कार्य निष्पादन में सुधार आवश्यक

*देहरादून 1 अक्टूबर, 2026  *शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर के कार्यों में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी* *प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और PERT

Oct 2, 2026 - 00:37
 153  28.2k
मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा: कार्य निष्पादन में सुधार आवश्यक
मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा: कार्य निष्पादन में सुधार आवश्यक

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा

कम शब्दों में कहें तो: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर के धीमे कार्य पर नाराजगी जताई और परियोजना की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।

देहरादून, 1 अक्टूबर, 2026

शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर के कार्यों में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और PERT चार्ट के साथ नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

कुम्भ क्षेत्र में कुंभ मेला शुरू होने तक प्राथमिकता वाले कार्य हर हाल में पूर्ण कराने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने हाल ही में सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण करने और उनकी नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के संबंध में कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा दस महीने में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इस परियोजना के लिए एक डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर को कार्यस्थल पर रहकर लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि कार्यों में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा, "यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए टाइमलाइन के साथ PERT चार्ट तैयार किया जाए। प्रत्येक बैठक में इन प्रोजेक्ट्स की प्रगति की उचित प्रस्तुति होनी चाहिए। जिन परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उन पर ध्यान दिया जाए और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।"

मुख्य सचिव ने रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट परियोजनाओं की भी समीक्षा की और कहा कि यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों में एक समर्पित टीम स्थापित करनी होगी। यह टीम हरिद्वार तथा ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग से तैनात की जाएगी ताकि संचालन में किसी प्रकार की समस्या न आए।

कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने प्राथमिकता वाले कार्यों को हर हाल में निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने की सलाह दी और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न करने का भी आदेश दिया।

हरिद्वार में चल रहे कार्यों के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्था का महाप्रबंधक हरिद्वार में रहकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रगति की रिपोर्ट जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को दी जाए। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने सरफेस, अंडरग्राउंड और मैकेनिकल पार्किंग से जुड़े प्रस्तावित कार्यों के कार्यान्वयन पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में नए पार्किंग प्रोजेक्ट्स के लिए पहले आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए।

अंत में, वित्तीय मामलों की निगरानी के लिए एक फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे कि सभी परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

फॉर मोर अपडेट्स, विजिट करें Netaa Nagari

Team Netaa Nagari

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow