उत्तराखंड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़, होटल भरे और सड़क पर लंबी कतारें
देहरादून गांधी जयंती की छुट्टी और उसके बाद सप्ताहांत के चलते उत्तराखंड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी है। चारधाम यात्रा के साथ-साथ मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल…
उत्तराखंड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़, होटल भरे और सड़क पर लंबी कतारें
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में गांधी जयंती और लंबे सप्ताहांत का लाभ उठाते हुए श्रद्धालु एवं पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ इकट्ठा हुई है। चारधाम यात्रा से लेकर मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल जैसे प्रमुख स्थलों पर होटल भरे होने के साथ-साथ यातायात में भी भारी समस्याएं सामने आ रही हैं।
देहरादून: गांधी जयंती की छुट्टी और उसके बाद लंबे सप्ताहांत के चलते उत्तराखंड में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रद्धालुओं की इस भीड़ ने चारधाम यात्रा, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, और कैंची धाम जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर काफी असर डाला है। इससे राज्य के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवकाश के बाद मिले लंबे वीकेंड का लाभ उठाते हुए खासकर दिल्ली-एनसीआर से भारी संख्या में लोग उत्तराखंड पहुंचे हैं। लोग न केवल धार्मिक यात्रा के लिए चारधाम और अन्य तीर्थ स्थलों का रुख कर रहे हैं, बल्कि अन्य पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके कारण कई प्रसिद्ध गंतव्यों के होटल लगभग पूरी तरह भरे हुए हैं और विभिन्न स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें तथा चार से पांच घंटे तक यातायात में फंसे रहने की घटनाएं देखने को मिली हैं।
बद्रीनाथ मंदिर क्षेत्र में पुलिस ने बताया कि यहां भी श्राद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में यातायात की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे प्रतिदिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यातायात का दबाव और पुलिस की तैयारी
कैंची धाम के आसपास यातायात का दबाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। भीमताल-भवाली-कैंची मार्ग पर वाहनों की अत्यधिक भीड़ है। नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. ने प्रमुख चौराहों और पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। यातायात को नियंत्रित करने के लिए डायवर्जन और शटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
SSP मंजूनाथ ने बताया कि 4 अक्टूबर से कैंची धाम क्षेत्र से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाया जा सके। यातायात पुलिस, CPU, थानों और पुलिस चौकियों के कर्मियों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि वे पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर सकें।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अनावश्यक ओवरटेकिंग और बार-बार लेन बदलने से बचें और सड़क किनारे वाहन न खड़े करें। साथ ही, यातायात कर्मियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन भी करें।
राज्यभर में बढ़ती भीड़
यातायात की समस्या केवल नैनीताल तक सीमित नहीं है। मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और राज्य के अन्य प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों पर भी वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस कारण से कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
छुट्टियों के लंबे सप्ताहांत और मौसम में सुधार के कारण बड़ी संख्या में लोग उत्तराखंड के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
चारधाम यात्रा में तेजी
चारधाम यात्रा ने भी राज्य में बढ़ते यातायात दबाव को बढ़ावा दिया है। 2 अक्टूबर को चारधाम और हेमकुंड साहिब में 39,500 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 42,000 से अधिक थी। खराब मौसम के कारण 26 और 27 सितंबर को चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन मौसम में सुधार के बाद यात्रा फिर से शुरू हो गई।
अब जबकि यात्रा सीजन अंतिम चरण पर पहुंच रहा है, गांधी जयंती के लंबे अवकाश के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों की नई भीड़ राज्य में पहुंच रही है। इससे उत्तराखंड की सड़कों पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के वाहनों का असाधारण दबाव देखने को मिल रहा है।
राज्य के कई प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के होटल लगभग पूरी तरह भर चुके हैं, वहीं सड़कों पर वाहनों की भारी भीड़ भी है। इस तरह, गांधी जयंती का लंबा सप्ताहांत उत्तराखंड के लिए यातायात प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यातायात स्थिति की अद्यतित जानकारी के लिए और जानने के लिए कृपया विजिट करें Netaa Nagari.
Team Netaa Nagari - सुमन तिवारी
What's Your Reaction?