बिल्डर पुनीत अग्रवाल को मिली जिला बदर की सजा, कोर्ट ने मांगे सभी दस्तावेज
Amit Bhatt, Dehradun: सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी से जुड़े विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल को जिला बदर किए जाने के मामले में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। जिलाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने कमिश्नर कोर्ट में जिला बदर की कार्रवाई पर रोक (स्टे) लगाने और आदेश निरस्त करने की मांग की थी। … The post जिला बदर ही रहेगा बिल्डर पुनीत अग्रवाल, नहीं मिली राहत, कमिश्नर कोर्ट ने मांगे सभी दस्तावेज appeared first on Round The Watch.
बिल्डर पुनीत अग्रवाल को मिली जिला बदर की सजा, कोर्ट ने मांगे सभी दस्तावेज
कम शब्दों में कहें तो, विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल जो एटीएस कॉलोनी से जुड़े हैं, को जिला बदर किए जाने के मामले में कोई राहत नहीं मिली है। कमिश्नर कोर्ट ने आवश्यक दस्तावेजों की मांग की है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
Amit Bhatt, Dehradun: सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी से जुड़े बिल्डर पुनीत अग्रवाल का मामला आज चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्हें जिला बदर किए जाने के आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट में अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने आरोपियों से सभी आवश्यक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया, जिन्हें जांच के बाद आगे की सुनवाई में विचार किया जाएगा।
जिलाधिकारी का आदेश छह महीने के लिए किया गया था
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश प्रशासन ने मई 2026 में पुनीत अग्रवाल को उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई के अंतर्गत उनका शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया क्योंकि प्रशासन ने उन्हें सार्वजनिक शांति के लिए खतरा माना था।
डीआरडीओ वैज्ञानिक पर हमले का मामला
एटीएस कॉलोनी में 13 अप्रैल को डीआरडीओ से जुड़े एक परिवार के साथ मारपीट की घटना घटित हुई थी, जिसमें आरोप है कि पीड़ित का कान का पर्दा टूट गया। इस मामले में महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्रता के भी आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा, 2025 की दीपावली के दौरान कॉलोनी में बच्चों के सामने लाइसेंसी पिस्टल लहराने की घटना भी सामने आई थी।
कई आपराधिक मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुनीत अग्रवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी, नशे में उत्पात मचाने, और बच्चों पर पिस्टल तानने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। कोर्ट में दी गई अपील में अग्रवाल ने कहा कि उनके छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं और उनकी बुजुर्ग मां की देखभाल करना जरूरी है, इस कारण उन्हें राहत दी जानी चाहिए।
कमिश्नर कोर्ट का निर्देश
कमिश्नर कोर्ट द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिए जाने के बाद ही अगली सुनवाई में मामला आगे बढ़ेगा। इससे पहले, कोर्ट ने किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अदालत मामले को गंभीरता से ले रही है।
कॉलोनी में फैली हैं दहशत
एटीएस कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि वर्ष 2021 से ही पुनीत अग्रवाल का आक्रामक व्यवहारीकरण समस्या का कारण बना है। अब तक उनके खिलाफ पांच मामले दर्ज हो चुके हैं, और इन घटनाओं ने कॉलोनी के निवासियों के बीच दहशत फैलाई है।
अवैध निर्माण और जमीन पर कब्जा
पुनीत अग्रवाल पर अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर काबिज होने के भी कई आरोप हैं। कार्रवाइयों के बावजूद, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि समय पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बढ़ रहे हैं।
पहले हुई है कार्रवाई
जिला बदर की कार्रवाई से पहले बिल्डर के खिलाफ प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने और एटीएस सोसाइटी से उसकी सदस्यता समाप्त करने जैसे कदम भी उठाए थे। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए किसी प्रकार की राहत नहीं लेकर आई है।
अब सभी परिजन और समुदाय के सदस्य इस मामले में आगे की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। टीम नेटaa नागरी के प्रियंका शर्मा के द्वारा प्रस्तुत इस समाचार में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना अहम होगा। अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें.
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