डीजे की तेज आवाज से गिरा छज्जा, बच्चे की मौत पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान
Chhattisgarh High Court News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डीजे की तेज आवाज के चलते घर का छज्जा गिरने से बड़ा हादसा हो गया. रविवार (30 मार्च) को हुए इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई थी. अब इस मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोजक और प्रशासन को फटकार लगाई है. अब इसमें जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई होगी. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सवाल किया कि बैन के बावजूद कानफोड़ू डीजे कैसे बज रहे हैं? मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकार के मुख्य सचिव समेत अन्य को पक्षकार बनाया है. दरअसल, रविवार (30 मार्च) को बिलासपुर के मल्हार में बड़ा हादसा हुआ था जब डीजे की तेज़ आवाज से घर का छज्जा गिर गया था. इस हादसे में 10 लोगों को चोटें आई थीं, जबकि एक बच्चे की मौत हो गई थी. हादसा तब हुआ जब हिन्दू नव वर्ष का जश्न मनाते हुए शोभा यात्रा निकाली जा रही थी. इस दौरान सैकड़ों बच्चे और बड़े सड़कों पर थे. आवाज की तेज कंपन के कारण गिरा छज्जाशोभायात्रा में डीजे वाली गाड़ी बेहद तेज आवाज में गाने बजाते हुए चल रही थी. तभी गाड़ी में लगा बॉक्स एक घर के छज्जे से टकराया और बाइब्रेशन की वजह से छज्जा भरभराकर गिर पड़ा. इस हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए थे, जिन्हें तुरंत ही रिम्स और जिला अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान प्रशांत केवट नाम के बच्चे की मौत हो गई थी. डीजे संचालक और ड्राइवर गिरफ्तारइस मामले में बिलासपुर पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया. डीजे के मालिक, गाड़ी के ड्राइवर और शोभायात्रा के आयोजक, तीनों पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया. विनीत पाठक की रिपोर्ट. यह भी पढ़ें: Chhattisgarh: रायपुर महादेव घाट के पास खुदाई के दौरान मिली ऐसी-ऐसी चीजें, पुरातत्व विभाग हैरान

डीजे की तेज आवाज से गिरा छज्जा, बच्चे की मौत पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान
नेता नगरी द्वारा रिपोर्ट, लिखित अनामिका शर्मा।
हाल ही में छत्तीसगढ़ के एक नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जब तेज आवाज में चल रहे डीजे की वजह से एक छज्जा ढह गया, जिससे एक छोटे बच्चे की मौत हो गई। यह मामला अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के संज्ञान में आया है। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है, ताकि ऐसे हादसों से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
घटना की पूरी जानकारी
बच्चे की मौत की यह घटना उस समय हुई जब उसका परिवार एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। दौरान डीजे की तेज आवाज ने स्थानीय निवासियों की शिकायतों को जन्म दिया था, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब छज्जा गिरा, तो वहां अफरा-तफरी मच गई, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
हाई कोर्ट की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक सुनवाई की। अदालत ने आदेश दिया है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए सख्त दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे। अदालत ने यह बात भी स्पष्ट की कि किसी भी समारोह में ध्वनि स्तर को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और उन्होंने कहा है कि वे इस घटना की पूरी जांच करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि वे नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। इसके विपरीत, इस घटना ने स्थानीय निवासियों को भी जागरूक किया है कि ऐसी घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है।
बच्चे की याद में श्रद्धांजलि
इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। बच्चे की याद में स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया है। यह घटना सबको याद दिलाती है कि हमें अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
निष्कर्ष
इस घटना ने सुरक्षा और समारोहों के दौरान ध्वनि स्तर को नियंत्रित करने की आवश्यकता को पुनः उजागर किया है। हमें एक जिम्मेदार समाज बनने की आवश्यकता है ताकि हम किसी भी तरह के हादसे से बच सकें। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की कार्रवाई महत्वपूर्ण है और हमें उम्मीद है कि इस तरह के हादसे भविष्य में नहीं होंगे।
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