क्रूज नौकरी के नाम पर 52 लाख रुपये की ठगी: 11 छात्र मलेशिया और दुबई में फंसे

देहरादून होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएशन डिग्री धारक युवाओं को विदेश में क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर 52 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोप है कि झारखंड निवासी दंपती ने…

Jun 6, 2026 - 09:37
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क्रूज नौकरी के नाम पर 52 लाख रुपये की ठगी: 11 छात्र मलेशिया और दुबई में फंसे
क्रूज नौकरी के नाम पर 52 लाख रुपये की ठगी: 11 छात्र मलेशिया और दुबई में फंसे

क्रूज नौकरी के झांसे में फंसे 11 छात्र, 52 लाख रुपये का ठगी का मामला

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून से जुड़े 11 युवाओं के साथ क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर 52 लाख रुपये की ठगी हुई है। इस मामले में झारखंड के एक दंपती को आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने छात्रों को मलेशिया और दुबई भेज कर उन्हें कई दिनों तक फंसा रखा। इसके परिणामस्वरूप वे अब भारत लौट चुके हैं और ठगी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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हाल ही में, देहरादून में होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएशन डिग्री धारक युवाओं से एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें उन्‍हें विदेश में क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर 52 लाख रुपये ठग लिया गया। यह घटना झारखंड निवासी एक दंपती द्वारा की गई है जिसने 11 छात्रों को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेज दिया।

ठगी का तरीका

शुरुआत में, आरोपियों ने छात्रों को आकर्षित करने के लिए उन्हें विदेश में क्रूज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इस झांसे में फंसकर, छात्रों ने अपनी जमा पूंजी और परिवार की मदद से लाखों रुपये का भुगतान किया। आरोपियों ने उन्हें दरवाजे से लेकर हवाई टिकट तक मुहैया कराए और मलेशिया एवं दुबई के होटलों में ठहराया।

इसके बाद, उन्होंने छात्रों को छोटे समुद्री यात्राओं पर ले जाने का बहाना बनाया, जिससे छात्रों में यह विश्वास बना कि उनकी नौकरी की प्रक्रिया सही दिशा में जा रही है। इसी दौरान, आरोपियों ने एक बार फिर से दस्तावेज़ और अन्य संदर्भों के बहाने उनसे पैसे लिए, जिससे कुल मिलाकर छात्रों से 52 लाख रुपये ठग लिए गए।

सुरक्षा बल की मदद से लौटे छात्र

कई दिनों तक मलेशिया और दुबई में फंसे रहे ये छात्र अंततः भारत सरकार की मदद से अपने देश लौट पाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मां गंगे इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड प्रोफेशनल स्टडीज (एमजीआईएचएम) के उपाध्यक्ष शंकर सिंह अधिकारी ने प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई।

S.P. सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस घटनाक्रम में मुख्य आरोपियों का नाम बीबीएसएम ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड का उल्लेख किया गया है, जिसका संचालन नीतीश कुमार और उसकी पत्नी एस कुमारी कर रहे हैं।

संभावित मानव तस्करी का मामला

छात्रों की शिकायत में यह जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी का एक महिला से पाकिस्तान में संपर्क है, जिसके नाम नायला बताया गया है। इसके अलावा, आरोपियों का एक ड्राइवर भी बांग्लादेशी है, जिससे मामले में मानव तस्करी और संगठित वित्तीय अपराध की संभावना जताई जा रही है।

सारांश

यह घटना यह दर्शाती है कि कैसे कुछ लोग दूसरों की लालसाओं का फायदा उठाकर उन्हें ठगते हैं। छात्रों ने अपने भविष्य के लिए जो सपने देखे थे, उन्हें अब ठगी का शिकार बनना पड़ा। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों का रोका जा सके।

सभी युवाओं को यह सलाह दी जाती है कि वे ऐसे ऑफर्स से सावधान रहें और सुनिश्चित करें कि उनकी नौकरी के अवसर विश्वसनीय स्रोतों से ही हों। ऐसे अफवाहों पर ध्यान न दें जो आपकी आकांक्षाओं पर पानी फेर सकती हैं।

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Team Netaa Nagari - Anjali Singh

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