बाघ के हमले से साथी को जीवनदान देने वाले साहसी वन कर्मियों की अद्भुत कहानी
Amit Bhatt, Dehradun: कार्बेट टाइगर रिजर्व में सोमवार शाम गश्त के दौरान बाघ के हमले में एक दैनिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, उसके साथ मौजूद 04 वनकर्मियों ने अदम्य साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए उसे बाघ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वनकर्मियों ने हवाई फायरिंग की, … The post बाघ के जबड़े से साथी को खींच लाए 04 साहसी वन कर्मी appeared first on Round The Watch.
बाघ के हमले से साथी को जीवनदान देने वाले साहसी वन कर्मियों की अद्भुत कहानी
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कम शब्दों में कहें तो, कार्बेट टाइगर रिजर्व में चार साहसी वनकर्मियों ने अपने साथी को बाघ के चंगुल से सुरक्षित निकालने में अद्वितीय साहस का परिचय दिया।
Amit Bhatt, Dehradun: हाल ही में उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब एक दैनिक श्रमिक बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार शाम को हुई, जहां बाघ ने अचानक एक श्रमिक पर हमला कर दिया। चार वनकर्मियों ने तुरंत साहसिक कार्रवाई करते हुए उसे बाघ के जबड़ों से बचाया।
घटना के समय 30 वर्षीय पीतांबर सौनी, जो रामनगर के सुंदरखाल गांव का निवासी है, अपने चार सहकर्मियों के साथ सर्पदुली रेंज में गश्त कर रहा था। टीम के पास सरकारी बंदूकें और लाठियां थीं। जब चारों वनकर्मी जंगल के भीतर गश्त कर रहे थे, पीतांबर सबसे पीछे रह गया। तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
पीतांबर गिर पड़ा और बाघ ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। साथी वनकर्मियों ने बिना समय गंवाए बचाव करना शुरू कर दिया। वनकर्मियों ने हवाई फायरिंग की और जोर से शोर मचाकर बाघ को डराया, जिससे बाघ पीतांबर को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
बाघ के भागते ही वनकर्मियों ने पीतांबर को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। चिकित्सकों ने बताया कि उसके गले के आगे वाले हिस्से में बाघ के पंजों के गहरे घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे काशीपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पार्क वार्डन बिंदर पाल और सर्पदुली रेंज के रेंजर संजय पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने वनकर्मियों की साहसिक कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यदि थोड़ी भी देरी होती, तो यह एक बड़ा हादसा बन सकता था।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे कार्बेट टाइगर रिजर्व में काम करने वाले वनकर्मी न केवल वन्यजीव संरक्षण का कार्य करते हैं, बल्कि अपने साथी की जान को भी खतरे में डालते हैं। उनका साहस और समर्पण बेजोड़ है। उनकी यह क्रियाकलाप हमें यह भी याद दिलाती है कि हमें हमेशा अपने चारों ओर देखना चाहिए और वन्यजीवों और उनके habitats का संरक्षण करना चाहिए।
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इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि हम सबका पर्यावरण और वन्य जीवन के प्रति कर्तव्य है। हमें वनकर्मियों की भक्ति और साहस को मान्यता देनी चाहिए, जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इन खूबसूरत जंगलों की रक्षा करते हैं।
टीम नेटaa नागरी
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