दिल्ली में ऊर्जा संकट को लेकर सीएम धामी का रणनीतिक कदम: केंद्रीय विद्युत मंत्री से चर्चा, 200 मेगावाट बिजली और 7800 करोड़ की मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं, जल विद्युत परियोजनाओं और पारेषण (ट्रांसमिशन) परियोजनाओं पर विस्तृत…

Jul 20, 2026 - 00:37
 155  34.9k
दिल्ली में ऊर्जा संकट को लेकर सीएम धामी का रणनीतिक कदम: केंद्रीय विद्युत मंत्री से चर्चा, 200 मेगावाट बिजली और 7800 करोड़ की मांग
दिल्ली में ऊर्जा संकट को लेकर सीएम धामी का रणनीतिक कदम: केंद्रीय विद्युत मंत्री से चर्चा, 200 मेगावाट बिजली और 7800 करोड़ की मांग

दिल्ली में ऊर्जा संकट पर सीएम धामी का बड़ा एक्शन

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री से मुलाकात कर राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली और 7800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की।

हाल ही में, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से बातचीत की। इस बैठक में राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं, जल विद्युत परियोजनाओं और पारेषण परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, कम बारिश और आगामी कांवड़ तथा चारधाम यात्रा के कारण बिजली की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।

ऊर्जा संकट का प्रभाव

उत्तराखंड तेजी से बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं से जूझ रहा है, और इस संदर्भ में सीएम धामी ने संकेत दिए कि यदि केंद्र से तुरंत कार्रवाई नहीं की जाती है, तो राज्य में बिजली संकट से बड़ी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने केंद्र से तुरंत 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित करने का आग्रह किया।

जल विद्युत परियोजनाओं का योगदान

मुख्यमंत्री धामी ने जल विद्युत परियोजनाओं के महत्व पर भी जोर दिया। उत्तराखंड की जल विद्युत संसाधनों की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार कई पहल कर रही है। वर्तमान में, राज्य में कई जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं, जो भविष्य में बिजली की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।

केंद्र से वित्तीय सहायता का आग्रह

इसके अलावा, धामी ने केंद्रीय मंत्री से 7800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की भी मांग की ताकि राज्य में ऊर्जा संबंधी आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया जाए, जिसमें दोनों सरकारों के अधिकारी शामिल हों।

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में यह भी कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में सहकारिता से न केवल उत्तराखंड बल्कि समस्त देश को लाभ होगा। यह राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।

निष्कर्ष

इस समय, उत्तराखंड राज्य में ऊर्जा संकट एक गंभीर विषय बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय विद्युत मंत्री से हुई यह बैठक न केवल राज्य की समस्याओं का समाधान निकालने में मददगार साबित हो सकती है, बल्कि यह राज्य के विकास के लिए भी सकारात्मक कदम है।

राज्य की ऊर्जा जरूरतों को समझते हुए केंद्र सरकार ने यदि उचित कदम उठाए तो आने वाले समय में ऊर्जा संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इस जानकारी का ध्यान रखते हुए, हम उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री की ये मांगें जल्द स्वीकार की जाएं और राज्य में ऊर्जा संकट पर काबू पाया जा सके।

अधिक जानकारी के लिए, आप यहां क्लिक करें

सादर,
टीम नेटaa नगरी
सपना कुमारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow