उत्तराखंड में 1109 करोड़ के बैंक घोटाले में सीबीआई की छापेमारी, हड़कंप मचा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देश के बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामलों में शामिल 1109 करोड़ रुपये के केनरा बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित एक विनिर्माण इकाई में … The post 1109 करोड़ के बैंक घोटाले में उत्तराखंड में सीबीआई का छापा, मचा रहा हड़कंप appeared first on Round The Watch.

Jul 20, 2026 - 00:37
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उत्तराखंड में 1109 करोड़ के बैंक घोटाले में सीबीआई की छापेमारी, हड़कंप मचा
उत्तराखंड में 1109 करोड़ के बैंक घोटाले में सीबीआई की छापेमारी, हड़कंप मचा

उत्तराखंड में 1109 करोड़ के बैंक घोटाले में सीबीआई की छापेमारी, हड़कंप मचा

राजकुमार धिमान, देहरादून: देश में बैंकिंग धोखाधड़ी के बड़े मामलों में से एक, 1109 करोड़ रुपये के केनरा बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के अंतर्गत सीबीआई ने उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में स्थित एक विनिर्माण इकाई में सीबीआई की टीम ने घंटों तक गहन जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।

कम शब्दों में कहें तो, सीबीआई ने एक बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामले में कई राज्यों में छापेमारी कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इसके पीछे एक कंपनी एम/एस गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का नाम सामने आया है जो कथित रूप से इस धोखाधड़ी में शामिल है।

धोखाधड़ी का भेद खुला

सीबीआई की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी ने बैकों से अपेक्षा से अधिक ऋण प्राप्त करने के लिए स्टॉक का मूल्य वास्तविक से अधिक दिखाया और वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर की। इसके साथ ही, जांच में सामने आया है कि ऋण स्वीकृत होने के बाद कंपनी ने धनराशि का दुरुपयोग और डायवर्जन किया, जिससे कैनरा बैंक को लगभग 1109 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह एक संगठित तरीके से धन की हेराफेरी का मामला प्रतीत होता है।

चार राज्यों में सीबीआई की कार्रवाई

सीबीआई ने भुवनेश्वर के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सीबीआई की टीम जैसे ही काशीपुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पहुंची, फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसके अलावा, कंपनी के निदेशकों के आवास, कोलकाता स्थित पंजीकृत कार्यालय और ओडिशा और तमिलनाडु में स्थित उत्पादन इकाइयों की भी तलाशी ली गई।

महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त, जांच जारी

सीबीआई ने बताया है कि छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया जा रहा है ताकि पूरे वित्तीय लेनदेन और कथित धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सके। जांच एजेंसी ने स्पष्ट रखा है कि इस मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीते कुछ वर्षों में यह धोखाधड़ी का मामला बहुत गंभीर हो गया है और इससे बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। इस प्रकार के घोटाले न केवल वित्तीय संस्थानों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करते हैं। इस तरह की जांच और छापेमारी से उम्मीद है कि ऐसे मामलों में कमी आएगी।

इसके लिए सरकारी स्तर पर भी सख्त कानून और नीतियों की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार के धोखाधड़ी के मामलों को रोका जा सके।

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टीम नेटaa नगरी
(राधिका शर्मा)

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