केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को होंगे खोलें, सीएम धामी ने की यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण
देहरादून/रुद्रप्रयाग आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं…
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को होंगे खोलें
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कम शब्दों में कहें तो, केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा की तैयारियों का सरसरी तौर पर निरीक्षण किया है।
देहरादून/रुद्रप्रयाग
आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा की व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग का दौरा किया और ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री का निरीक्षण
वीरवार को मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, तथा बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा।
यात्रा की बेहतर व्यवस्थाएं
निरीक्षण के समय मुख्यमंत्री ने सड़क की स्थिति, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी लंबित कार्यों को पूर्ण किया जाए। इसके बाद, गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई।
सुरक्षित यात्रा का आश्वासन
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की मदद के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जैसे हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयां, पेयजल और फूड पैकेट। इस बार यात्रा को प्लास्टिक मुक्त रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इसके तहत “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय उत्पादों का बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल थे, जैसे कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट आदि।
यात्रा की तैयारियों के इन उपायों से यह उम्मीद की जा रही है कि श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुविधाजनक और सुरक्षित होगी।
हमें उम्मीद है कि यात्रा सफल होगी और यह श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव प्रदान करेगी।
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सादर, टीम नेटा नगरी | प्रिया शर्मा
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