गढ़वाल आयुक्त की बैठक: 11 लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा, 51 शिकायतों का समाधान और 5 FIR दर्ज करने के निर्देश

देहरादून गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनांक 17…

Apr 7, 2026 - 00:37
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गढ़वाल आयुक्त की बैठक: 11 लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा, 51 शिकायतों का समाधान और 5 FIR दर्ज करने के निर्देश
गढ़वाल आयुक्त की बैठक: 11 लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा, 51 शिकायतों का समाधान और 5 FIR दर्ज करने के निर्देश

गढ़वाल आयुक्त की बैठक में लैंड फ्रॉड मामलों की गंभीर समीक्षा

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कम शब्दों में कहें तो, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने लैंड फ्रॉड मामलों की गंभीर समीक्षा की, 11 लंबित मामलों का निस्तारण किया और 51 नई शिकायतों पर भी चर्चा की। उन्होंने 5 मामलों में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।

देहरादून में सोमवार को गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समिति ने पिछले एक वर्ष में लैंड फ्रॉड से संबंधित 11 लंबित मामलों और 51 नई शिकायतों पर गहन विचार-विमर्श किया।

बैठक की मुख्य जानकारी के अनुसार, इन मामलों का संज्ञान लेने के बाद आयुक्त ने निर्देश दिए कि लैंड धोखाधड़ी के मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि उन मामलों में जहाँ संयुक्त निरीक्षण की आवश्यकता हो, उन्हें इसी सप्ताह पूरा करना होगा और रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

आयुक्त के निर्देशन की चर्चा

आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कानून के अनुसार अवैध कब्जों को हटाने के लिए अनिवार्य रूप से FIR दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही, प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पुलिस विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि लैंड धोखाधड़ी के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा और सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।

बड़ी कार्रवाई का संकेत

बैठक में कई चिंताजनक मामले भी सामने आए। एक प्रकरण में, राजस्थान के व्यक्तियों द्वारा रुद्रप्रयाग में खरीदी गई भूमि पर होटल निर्माण और उसके बाद ऋषिकेश में भूमि के पुनर्विक्रय का मामला सामने आया। इस मामले में विधिक परीक्षण के बाद दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए। इसी प्रकार, देहराखास निवासी एक मामले में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई

बैठक में कई मामलों में भूमाफियाओं द्वारा एक ही खसरे की भूमि को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने की गंभीर अनियमितताओं का पर्दाफाश भी किया गया। आयुक्त ने उन मामलों में भी कठोर कार्रवाई का आदेश दिया है। इसके अलावा, कुछ मामलों में जांच के बाद यह पाया गया कि शिकायतें निराधार थीं, जिन्हें ड्रॉप कर दिया गया।

न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास

कुल 170 लैंड फ्रॉड मामलों में से अब तक 77 मामलों की सुनवाई हो चुकी है, जिनमें से 51 मामलों का निस्तारण किया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर शेष मामलों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले 15 दिनों में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी ताकि वादियों को त्वरित न्याय दिया जा सके।

आयुक्त ने यह भी बताया कि न्यायालय में लंबित मामलों के अलावा, सभी प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी भूमि संबंधी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। न्यायालय के आदेशों की अनुपालना पूरी तरह से सुनिश्चित की जाएगी।

इस बैठक में विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिसमें गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, और एसपी (ग्रामीण) जया बलूनी मुख्य थे। सभी संबंधित तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी और तहसीलदार भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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सादर, टीम नेटaa नागरी

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