शिक्षिका के 15 बैंक खाते और करोड़ों का लेन-देन, भाई की थार खरीदने की तैयारी

Rajkumar Dhiman, Dehradun: हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र से गिरफ्तार की गई शिक्षिका सोनम से जुड़ी जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही एजेंसियों को अब पता चला है कि सोनम के पास करीब 15 बैंक खातों तक पहुंच थी और इन्हीं खातों के … The post महिला शिक्षिका के 15 बैंक खाते और मिला करोड़ों का ट्रांजेक्शन, भैया थार खरीदने की कर रहा था तैयारी appeared first on Round The Watch.

May 30, 2026 - 09:37
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शिक्षिका के 15 बैंक खाते और करोड़ों का लेन-देन, भाई की थार खरीदने की तैयारी
शिक्षिका के 15 बैंक खाते और करोड़ों का लेन-देन, भाई की थार खरीदने की तैयारी

महिला शिक्षिका के 15 बैंक खाते और करोड़ों का ट्रांजेक्शन, भैया थार खरीदने की कर रहा था तैयारी

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कम शब्दों में कहें तो हरिद्वार की एक शिक्षिका सोनम के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

राजकुमार धिमान, देहरादून: हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र से गिरफ्तार की गई शिक्षिका सोनम की जांच में नए तथ्यों का खुलासा हो रहा है। एजेंसियों के अनुसार, सोनम के पास 15 बैंक खातों तक पहुंच थी, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया जाता था। पहले से शिक्षिका रही सोनम का कथित रूप से पाकिस्तान से संचालित हो रहे एक गिरोह से संपर्क था।

संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा

जांच अधिकारियों ने बताया कि सोनम किसी एक स्थायी बैंक खाते पर निर्भर नहीं थी। हर बार जब कोई खाता बंद होता, तो उसकी जगह नया खाता और एटीएम कार्ड उपलब्ध करा दिया जाता था। इस तरीके से लंबे समय तक बड़े पैमाने पर पैसे का ट्रांजेक्शन होता रहा। यह मनी ट्रेल सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आ रहा है।

वॉट्सएप के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन

पैसे निकालने का तरीका
जांच में यह भी सामने आया है कि रिकॉर्ड में पैसे जमा होते ही सोनम को वॉट्सएप पर मैसेज मिलता था। यदि वह मैसेज नहीं देखती थी, तो उसे कॉल कर सूचना दी जाती थी। इसके बाद वह तुरंत बैंक या एटीएम पहुंचकर पैसे निकालती और दूसरे खातों में जमा कर देती थी। पुलिस को चिंता है कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी रकम बेतरतीब तरीके से इधर-उधर भेजी जाती रही।

निजी खाते का उपयोग नहीं

यह खुलासा भी हुआ है कि सोनम अपने निजी खातों का उपयोग नहीं करती थी। उसे हर बार नए खातों के एटीएम कार्ड और पासबुक दिए जाते थे, जिससे जांच एजेंसियां उन खातों के असली धारकों को पहचानने में लगी हैं।

नेटवर्क से जुड़ने की कहानी

आर्थिक तंगी का फायदा
सोनम ने बताया कि वह आर्थिक तंगी के कारण काम की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवक उमर से हुई। शुरुआत में उनकी बातचीत वॉट्सएप कॉल पर होती रही। बाद में उमर ने उसे आदिल और हजीब से जोड़ा। सोनम का कहना है कि उसने कभी भी इन लोगों से आमने-सामने नहीं मिला।

परिवार की स्थिति

सपनों का संसार
सोनम के परिवार में पांच बहनें और एक भाई है। उसे ऑनलाइन बिजनेस से अच्छी कमाई होने का बहाना बनाकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ संभालने का प्रयास किया। उसका भाई थार खरीदने की बात करता था, जो अब पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया है। अब अचानक बड़े लेन-देन हो रहे हैं, जिसके चलते गांव में तरह-तरह की बातें हो रही हैं।

आखिरी सुराग

जांच की कड़ी
सोनम की गिरफ्तारी का मुख्य कारण जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से गिरफ्तार राहुल खान का मोबाइल था, जिसमें सोनम का नंबर मिला। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब सोनम की भूमिका के साथ-साथ उसके संपर्क नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि पैसे कहां से आ रहे थे और किस तक पहुंचाए जा रहे थे।

अंततः, सोनम के मामले में जांच की लहरें और भी गहराई में जाएंगी, जिससे इस मामले की सच्चाई उजागर होगी।

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— टीम नेटा नगरी (अनुज कौर)

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