उत्तराखंड: 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, 13 जिलों में एक्शन, जांच के लिए समिति गठित, 3 दिन में देगी रिपोर्ट

Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने कुट्टू के आटे के सेवन से 325 लोगों के बीमार होने की घटना के बाद प्रदेश भर में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले की गहन जांच के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है. एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इस समिति में उपायुक्त एफडीए राजेंद्र सिंह रावत, सतर्कता एवं अभिसूचना शाखा के अधिकारी और स्वास्थ्य महानिदेशक द्वारा नामित दो वरिष्ठ अधिकारी समिति के सदस्य होंगे. समिति को निर्देश दिया गया है कि तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव दे. 1500 से ज्यादा दुकानों पर छापेमारीसीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एफडीए ने पूरे राज्य में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. अब तक प्रदेशभर में 1500 से अधिक दुकानों और खाद्य गोदामों पर छापेमारी की गई है. इस दौरान 100 से अधिक सैंपल लिए गए और दो दर्जन से अधिक दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं. देहरादून जिले में विशेष अभियान के तहत विभिन्न बाजारों का निरीक्षण किया गया और 100 किलो कुट्टू का आटा नष्ट कर दिया गया. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गढ़वाल उपायुक्त आरएस रावत और जिला अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में देहरादून के रेसकोर्स, आराघर, धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, आढ़त बाजार और हनुमान चैक सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया. इस दौरान 21 प्रतिष्ठानों में कुट्टू का आटा विक्रय के लिए नहीं पाया गया, जबकि गोयल आटा चक्की, रेस्ट कैंप में पैक्ड कुट्टू का आटा बिक्री के लिए उपलब्ध था, जिसके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए.  लगातार जारी रहेगा अभियानखाद्य सुरक्षा टीम ने करीब 100 किलो कुट्टू आटा कारगी ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने राज्यभर में हो रही छापेमारी की समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए और इसे और व्यापक बनाया जाए. उन्होंने विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट में ऐसे सुझाव शामिल किए जाएं जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. गौ तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, उत्तराखंड और हिमाचल पुलिस ने 10 तस्करों को दबोचा 13 जिलों में छापेमारीएफडीए की टीमों ने सभी 13 जिलों में छापेमारी की. इस दौरान कई दुकानदारों को चेतावनी दी गई और खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए. मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा. एफडीए अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. उत्तराखंड में कुट्टू के आटे की मिलावट से हुई स्वास्थ्य समस्या के बाद सरकार ने त्वरित और कड़े कदम उठाए हैं. 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, सैंपल जांच और 100 किलो कुट्टू आटे का नष्ट किया जाना दर्शाता है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है. जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की संभावना है. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

Apr 2, 2025 - 11:37
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उत्तराखंड: 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, 13 जिलों में एक्शन, जांच के लिए समिति गठित, 3 दिन में देगी रिपोर्ट
उत्तराखंड: 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, 13 जिलों में एक्शन, जांच के लिए समिति गठित, 3 दिन में देगी रिपोर्ट

उत्तराखंड: 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी, 13 जिलों में एक्शन, जांच के लिए समिति गठित, 3 दिन में देगी रिपोर्ट

Netaa Nagari की टीम से, लेखिका: साक्षी शर्मा

परिचय

उत्तराखंड में इस हफ्ते एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने 1500 से अधिक दुकानों पर छापेमारी की है। यह कदम विभिन्न जिलों में अवैध व्यापार और मानकों के उल्लंघन की जांच करने के लिए किया गया है। इस आर्टिकल में हम इस छापेमारी की विस्तृत जानकारी, इसके परिणाम और आगे की योजना पर चर्चा करेंगे।

छापेमारी का कारण

राज्य सरकार ने साफ़ कहा है कि दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान, जिनके खिलाफ शिकायतें आई थीं, उनकी जांच करना बेहद आवश्यक था। अवैध कारोबार और गुणवत्ता मापदंडों की अनदेखी से न केवल उपभोक्ताओं की सेहत को खतरा है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित करता है। ऐसे में, यह कार्रवाई समय की मांग थी।

जिलों में छापेमारी

इस छापेमारी में 13 जिलों को शामिल किया गया है, जिनमें हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल, उधमसिंहनगर और दूसरों के नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन जिलों में छापेमारी करते हुए, कई दुकानों को अवैध तरीके से चलाते पाया गया और उनकी कार्रवाई की आवश्यकता थी।

जांच के लिए समिति गठित

उत्तराखंड सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति अगले तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। समिति के सदस्य विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ होंगे, जो अवैध कारोबार, गुणवत्ता की मानक समस्या और संभावित प्रभावों का गहराई से अध्ययन करेंगे।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा

इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध व्यवसाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है। सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ता को सही सामान और सेवाएं मिलें, और अगर कोई व्यापारी नियमों से बाहर है तो उसे दंडित किया जाए।

निष्कर्ष

उत्तराखंड के इस कदम का लक्ष्य अवैध कारोबार को सीमित करना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना है। आने वाले दिनों में जब समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत होगी, तो इसके आधार पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। हम सभी को उम्मीद है कि यह कार्रवाई केवल आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी मिश्रित होगी।

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