Waqf Amendment Bill: रोहिणी आचार्य ने वक्फ संशोधन बिल का बताया 'मकसद', 'गुजरात नरसंहार को अंजाम देने वालों…'
Waqf Amendment Bill 2025: आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य की ओर से वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर प्रतिक्रिया आई है. गुरुवार (03 अप्रैल) को उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "वक्फ संशोधन बिल का मकसद साफ है, अल्पसंख्यकों के धार्मिक क्रियाकलापों में दखलंदाजी, संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का दमन और अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक संस्थाओं से जुड़ी सम्पत्तियों पर कब्जा." उन्होंने आगे लिखा, "जो भाजपा 80 और 20... बंटोगे तो कटोगे जैसे विखंडनकारी नारे देती है, जो बीजेपी वेशभूषा व पहनावे को देखकर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के लिए टारगेट करती है, वही बीजेपी वक्फ संशोधन बिल लाती है और इसे अल्पसंख्यकों के हित में बताती है. देश व देश का अल्पसंख्यक समुदाय गुजरात नरसंहार को अंजाम देने वालों के द्वारा कही जा रही बातों पर कतई भरोसा नहीं करने वाला." बिहार बीजेपी अध्यक्ष की भी आई प्रतिक्रिया उधर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पारित होने पर कहा, "कल जो चर्चा हुई उसमें स्पष्ट था कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कानूनी विवाद और काफी कुप्रबंधन हो चुका था. कुछ लोगों का वक्फ पर कब्जा हो गया था, कोई न्यायिक निगरानी नहीं होती थी. वक्फ संपत्तियों का भी अधूरा सर्वेक्षण करवाया गया था. वक्फ कानून का दुरउपयोग किया जाता था. इन सभी कारणों से वक्फ संशोधन बिल को लाया गया. 1995 के पहले बिल में संशोधन करना पड़ा." वक्फ संशोधन बिल का मकसद साफ़ है " अल्पसंख्यकों के धार्मिक क्रियाकलापों में दखलंदाजी , संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का दमन और अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक संस्थाओं से जुडी सम्पत्तियों पर कब्ज़ा " .. जो भाजपा " 80 और 20 .. बंटोगे तो कटोगे .. " जैसे विखण्डनकारी… — Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) April 3, 2025 [/tw] उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में बहस के दौरान टाइम का भी एक्सटेंशन हुआ, ताकि सभी सदस्य अपने दिल की बातों को रखे सकें, लेकिन सभी के दिल में यही था कि वक्फ संपत्तियों को कानूनी दायरे में रहना चाहिए. 'वे किसी भी चीज को चुनौती दे सकते हैं' लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर लोजपा (आर) सांसद शांभवी चौधरी की भी प्रतिक्रिया आई. विपक्ष द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किए जाने पर उन्होंन मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आप इसका विरोध क्यों करेंगे? यह जेपीसी के पास गया, जहां इस पर गहन चर्चा हुई. आपके सभी प्रस्तावित संशोधनों पर विचार किया गया और आपकी चिंताओं को ध्यान में रखा गया. अगर विपक्ष अभी भी इसे चुनौती देना चाहता है, तो वे किसी भी चीज को चुनौती दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: सुपौल से गुरुग्राम जा रही बस बनी आग का गोला, 150 यात्रियों की मुश्किल से बची जान

Waqf Amendment Bill: रोहिणी आचार्य ने वक्फ संशोधन बिल का बताया 'मकसद'
Netaa Nagari द्वारा प्रस्तुत, लेख लेखिका: सुषमा शर्मा, टीम नेतानगरी
परिचय
हाल ही में, बिहार विधानसभा में वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रोहिणी आचार्य ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है जो न केवल वक्फ सम्पत्तियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी जिन्होंने गुजरात नरसंहार को अंजाम दिया। इस लेख में, हम इस बिल के उद्देश्य और इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
वक्फ संशोधन बिल का पृष्ठभूमि
वक्फ सम्पत्तियों का प्रबंधन पिछले कई वर्षों से विवादों में रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसे लेकर कई बार अपनी राय व्यक्त की है। वक्फ संशोधन बिल का उद्देश्य इस सम्पत्ति का बेहतर प्रबंधन और इसे सही दिशा में ले जाना है। इसके तहत वक्फ बोर्ड को अधिक अधिकार मिलने की संभावना है, जिससे वे सम्पत्तियों का बेहतर उपयोग कर सकें।
रोहिणी आचार्य का बयान
रोहिणी आचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "यह बिल केवल वक्फ सम्पत्तियों के प्रबंधन के लिए नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के खिलाफ भी एक सुनियोजित कार्रवाई है जिन्होंने गुजरात नरसंहार को अंजाम दिया। हमें चाहिए कि हम अपने इतिहास से सीखें और भविष्य को बेहतर बनाएं।" उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
बिल के संभावित प्रभाव
इस बिल के लागू होने से कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सबसे पहले, वक्फ सम्पत्तियों का प्रबंधन अधिक पारदर्शी होगा। इसके लिए वक्फ बोर्ड को नई तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा, बिल के माध्यम से उन लोगों को चिन्हित किया जाएगा जिन्होंने वक्फ सम्पत्तियों का दुरुपयोग किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस बिल को लेकर अपनी-अपनी राय पेश की है। कुछ दल इसे समय की मांग मानते हैं, वहीं अन्य दलों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक रणनीति है। समय के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि इस बिल का असली उद्देश्य क्या है।
निष्कर्ष
वक्फ संशोधन बिल का उद्देश्य निश्चित रूप से वक्फ सम्पत्तियों के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। रोहिणी आचार्य ने जो बात उठाई है, वह बताती है कि इस बिल का एक पक्ष यह भी है कि यह हिंसा के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का एक माध्यम बन सकता है। आने वाले वक्त में इस बिल का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
अधिक अपडेट्स के लिए, कृपया netaanagari.com पर जाएं।
Keywords
Waqf Amendment Bill, Rohini Acharya, Gujarat Riots, Bihar Assembly, Political Reaction, State Management, Historical Lessons, Community PropertiesWhat's Your Reaction?






