Waqf Amendment Bill: जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चीफ बोलीं, 'इसमें कोई ऐसी बात नहीं जिससे मुसलमानों को...'
Jammu Kashmir News: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (2 मार्च) को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया. इस बिल को लेकर बीजेपी नेता और जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख्शां अंद्राबी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि विधेयक मुसलमानों के कल्याण के लिए पेश किया जा रहा है. ये मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने कहा, "ऐसा नहीं लगा रहा कि संसद में पेश किया गया विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है. वक्फ के पास डिफेंस, रेलवे के बाद इतनी जमीन है तो हमारे मुसलमान गरीब क्यों हैं?'' #WATCH | Srinagar, J&K | On Waqf Amendment Bill tabled in the Lok Sabha today, BJP leader & Chairperson of J&K Waqf Board, Dr Darakhshan Andrabi, says, "It doesn't seem that the bill presented in the Parliament is against Muslims... If the Waqf has so much land, then why are so… pic.twitter.com/wwhRl4hnFC — ANI (@ANI) April 2, 2025 मुसलमानों के कल्याण के लिए वक्फ बिल- अंद्राबी उन्होंने आगे कहा, ''अगर इस चीज को ठीक तरीके से मैनेज किया जाएगा तो वाकई में मुसलमानों में कोई गरीब नहीं रहेगा, कोई लैंडलेस और बेघर नहीं रहेगा. इन चीजों में सुधार बहुत जरूरी है ताकि हमारी कम्युनिटी पिछड़ने के बजाय आगे बढ़े. इसमें सही यही लग रहा है कि यह मुसलमानों के कल्याण के लिए बिल पेश किया जा रहा है. इसमें कोई ऐसी बात नहीं है, जिससे लगे कि ये मुसलमानों के विरोध में है. 'विपक्ष के लोग हमेशा अच्छे में भी कुछ बुरा निकालते हैं' जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष के लोग कह रहे हैं कि ये बिल मुसलमानों के साथ ज्यादती है, आप इसे कैसे देखती हैं? इस पर डॉ. अंद्राबी ने कहा, ''अपोजिशन नहीं बोलेगी तो वो अपोजिशन कैसे कहलाएगी. वो तो हमेशा अच्छे में भी कुछ न कुछ बुरा निकालते हैं तो वो इसलिए तो विपक्ष में हैं. लेकिन उसका मतलब ये नहीं है कि हम अच्छी चीज को भी बुरा कहें. जो संशोधन हैं, हमेशा खिलाफ के लिए नहीं होते हैं. ये अच्छे के लिए भी होते हैं. विधेयक में कहीं मुस्लिम विरोधी बात नहीं- अंद्राबी उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह से एक-एक प्वाइंट करके केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जो बातें बताई हैं, कहीं ऐसा नहीं लगता है कि उसमें मुस्लिम विरोधी बात है बल्कि जिस तरह से उन्होंने वक्फ बोर्ड की बात की, जम्मू कश्मीर का नाम उन्होंने लिया. वाकई में 2022 के बाद जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड नए सिरे से बन गया तो हम जीरो से आज हीरो बन गए. ये सभी के सामने है. यहां भी कहते थे हैंड टू माउथ लेकिन आज हम आग बढ़ रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड के पास आगे क्या प्लान है, इस पर डॉ. अंद्राबी ने कहा, ''जबसे 2022 से वक्फ बोर्ड नए एक्ट के तहत यहां बना है, पहले हमने विरोध बहुत सहा है. पहले जो वक्फ बोर्ड लाखों में काम रहा था वो आज करोड़ों में काम कर रहा है. आज हम खुद कंस्ट्रक्शन कर रहे हैं. आज हम मुलाजिमों की तनख्वाह बढ़ा रहे हैं, जो पहले महज 4 हजार पर काम करे थे.''

Waqf Amendment Bill: जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चीफ बोलीं, 'इसमें कोई ऐसी बात नहीं जिससे मुसलमानों को...'
Netaa Nagari द्वारा प्रस्तुत: लेखिका प्रियंका शर्मा
हाल ही में जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनके अनुसार, इस विधेयक में कोई ऐसी बात नहीं है जिससे मुसलमानों को कोई असुविधा हो। यह बयान उस समय आया है जब इस विधेयक की आलोचना विभिन्न समुदायों द्वारा की जा रही थी।
विधेयक की विशेषताएँ
वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर बनाना है। इस विधेयक के माध्यम से, सरकार इन संपत्तियों का अधिक कुशलता से संचालन करने का प्रयास कर रही है। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष ने बताया कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के विकास और रंगभूमि के रूप में काम करेगा।
आलोचनाओं का उत्तर
अध्यक्ष ने आगे कहा कि कुछ लोग इस विधेयक का गलत विश्लेषण कर रहे हैं। उनका मानना है कि इसे एक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए और यह मांग की जानी चाहिए कि किसी भी विधेयक की समीक्षा की जाए जो वक्फ की संपत्तियों को और मजबूत बना सके। उन्होंने मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए वक्फ बोर्ड की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
समुदाय की प्रतिक्रिया
विभिन्न समुदायों द्वारा इस विधेयक पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ है, जबकि अन्य इसे आवश्यक बदलाव मानते हैं। वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष ने समुदाय के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस विधेयक को लेकर सकारात्मक सोच रखें।
निष्कर्ष
जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष का बयान स्पष्ट करता है कि यह विधेयक मुसलमानों के हित में है और इससे समाज को कोई खतरा नहीं है। इससे वक्फ संपत्तियों के विकास में सुधार होगा और मुसलमानों के लिए अवसर बढ़ेंगे। भविष्य में, सरकार को चाहिए कि वह सभी समुदायों के साथ संवाद बनाए रखे और उनके विचारों को सुनने की प्रतिबद्धता दिखाए।
For more updates, visit netaanagari.com.
kam sabdo me kahein to, वक्फ संशोधन विधेयक पर जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष का बयान मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें आश्वस्त करता है।
Keywords
Waqf Amendment Bill, Jammu Kashmir Waqf Board, Muslim rights, property management, community response, government transparency, Priyanka Sharma, Netaa NagariWhat's Your Reaction?






