नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम, सीएम धामी ने मांगी प्रदेश की खुशहाली

देहरादून/नैनीताल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा को नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं…

Sep 23, 2026 - 09:37
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नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम, सीएम धामी ने मांगी प्रदेश की खुशहाली
नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम, सीएम धामी ने मांगी प्रदेश की खुशहाली

नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम, सीएम धामी ने मांगी प्रदेश की खुशहाली

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव में भाग लेकर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है। इस महोत्सव का आयोजन पारंपरिक महत्व को दर्शाते हुए किया गया, जिसमें संस्कृति और आस्था की परंपरा को सजाया गया।

देहरादून/नैनीताल: मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा को नमन किया और उपस्थित माताओं, बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने महोत्सव में सभी की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

Nanda-Sunanda Festival in Nainital

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं है, यह हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं जैसी विविध परंपराएँ इस महोत्सव को एक जीवंत रूप देती हैं। उनका मानना है कि जड़ों और संस्कृति पर गर्व करने वाला समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

Cultural events during Nanda Festival

उन्होंने नैनीताल की कुशलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह सिर्फ एक पर्यटन नगरी नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भूमि है। यहां पर माँ नैना देवी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जहाँ श्रद्धालु आकर आस्था की डुबकी लगाते हैं।

Spiritual sites in Nainital

सीएम धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने का कार्य चल रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में किए गए विकास कार्यों ने आस्था के केंद्रों को नई पहचान दी है। इसी धारणा के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। यह पहल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के साथ-साथ हमारी प्राचीन विरासत को संरक्षित रखने के उद्देश्य से की जा रही है। यह धार्मिक पर्यटन को नई गति देने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के बारे में कहा। धर्मिक पर्यटन बढ़ने से न केवल रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएँ देश-विदेश में फैलेंगी।

उन्होंने नैनीताल जनपद की समग्र विकास योजना पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है। इस प्रकार, सरकार का उद्देश्य है कि पहाड़ में रहने वाले लोग बेहतर सुविधाओं के लिए दूर न जाएं और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए भूमि संबंधी कानूनों को भी 강화 किया गया है। इसके तहत, बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की खरीद पर रोक लगाई गई है। साथ ही, लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

महिलाओं के अधिकारों की बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह 27 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब तक, 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर बेच सकेंगी। यह उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री धामी माँ नंदा-सुनंदा की विधिवत आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने माँ से प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही, उन्होंने महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं जनसमूह को बधाई दी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट समेत अन्य मान्यवर भी मौजूद रहे।

सरकारी योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को एक उत्कृष्ट राज्य बनाने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम कर रही है, जिससे युवा रोजगार एवं स्वरोजगार के मौके पा सकें।

हमेशा की तरह, माँ नंदा-सुनंदा की कृपा हमारे प्रदेश पर बनी रहे, यही हमारी कामना है।

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सादर, टीम नेत नागरी - राधika शर्मा

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