मुख्यमंत्री धामी की पहल: कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पोलिक्लिनिक के लिए भूमि हस्तांतरण की उम्मीद

  चमोली-रुद्रप्रयाग के हजारों पूर्व सैनिकों में जगी उम्मीद देहरादून/चमोली। चमोली एवं रुद्रप्रयाग जनपदों के लगभग 19 हजार पूर्व सैनिकों

Sep 23, 2026 - 09:37
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मुख्यमंत्री धामी की पहल: कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पोलिक्लिनिक के लिए भूमि हस्तांतरण की उम्मीद
मुख्यमंत्री धामी की पहल: कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पोलिक्लिनिक के लिए भूमि हस्तांतरण की उम्मीद

मुख्यमंत्री धामी की पहल: कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पोलिक्लिनिक के लिए भूमि हस्तांतरण की उम्मीद

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कम शब्दों में कहें तो: चमोली और रुद्रप्रयाग के 19 हजार पूर्व सैनिकों को CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक के लिए भूमि हस्तांतरण की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक पहल की है।

देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के चमोली एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में लगभग 19 हजार पूर्व सैनिकों और 80 हजार परिवारों के लिए लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक पहल की है। इस संदर्भ में, पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसमें कालेश्वर में ECHS पॉलीक्लिनिक एवं केंद्रीयकृत CSD कैंटीन की स्थापना हेतु आवश्यक भूमि हस्तांतरित करने की मांग की गई।

पूर्व सैनिकों की आवाज़ को सुनने का मौका

चमोली एक्स-सर्विसमेन लीग के जिला अध्यक्ष कर्नल डी.एस. बवाल एवं समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वाण की अगुवाई में पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को भूमि हस्तांतरण में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से प्रशासनिक एवं तकनीकी दुष्कृत्यों का उल्लेख किया और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि कालेश्वर में उपलब्ध भूमि को पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निःशुल्क हस्तांतरित किया जाए।

भूमि हस्तांतरण का लंबा प्रकरण

पूर्व सैनिकों के मुताबिक, 18 वर्षों से अधिक समय से भूमि का मामला लंबित है। वर्तमान में, पूर्व सैनिकों को उपयुक्त भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण किराए के भवन में सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। 12 जून 2008 को तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा लगभग 0.341 हेक्टेयर भूमि सैन्य कल्याण के लिए उपलब्ध करने की वार्ता हुई थी।

भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में वन विभाग और रक्षा संपदा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। 2009 में भूमि हस्तांतरण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्राप्त हुई थी, लेकिन विभिन्न सरकारी प्रावधानों और रक्षा विभाग की आपत्तियों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका।

पूर्व सैनिकों को मिलने वाले लाभ

यदि कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना हो जाती है, तो इससे चमोली और रुद्रप्रयाग के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।

  • दूर-दराज स्थित कैंटीनों और चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।
  • रुद्रप्रयाग स्थित CSD कैंटीन पर अतिरिक्त दबाव कम होगा।
  • बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को लंबी यात्राओं से राहत मिलेगी।
  • समय और यात्रा खर्च की बचत होगी।
  • भविष्य में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • दोनों जनपदों के लिए CSD सेवाओं का बेहतर संचालन संभव होगा।

जनहित का महत्वपूर्ण मामला

पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह केवल एक भवन या कैंटीन की स्थापना का विषय नहीं है, बल्कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण का एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा है। प्रतिनिधिमंडल ने आशा जताई है कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के तहत यह प्रकरण शीघ्र समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगा और उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी।

मीडिया का योगदान

पूर्व सैनिकों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस मुद्दे को जनसरोकार से जोड़कर उजागर किया है, जिससे उनकी आवाज को मजबूती मिली है।

जय हिंद!
जय उत्तराखंड!
पूर्व सैनिकों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान।

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सद्भावना के साथ,
टीम नेता नागरी द्वारा राधिका जोशी

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