चमोली में सेना का वाहन 500 मीटर गहरी खाई में गिरा, दो जवान घायल

Round The Watch News: उत्तराखंड के चमोली जिले से एक गंभीर सड़क हादसे की खबर सामने आई है। गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार दो जवान घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना बृहस्पतिवार को हुई जब सेना का वाहन अचानक … The post चमोली में 500 मीटर खाई में गिरा सेना का वाहन, गोपेश्वर-चोपता मार्ग पर हादसा appeared first on Round The Watch.

Apr 16, 2026 - 18:37
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चमोली में सेना का वाहन 500 मीटर गहरी खाई में गिरा, दो जवान घायल

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चमोली जिले में गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर एक सेना का वाहन अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह घटना बृहस्पतिवार को घटी, जब सेना का वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय जवानों की बहादुरी ने राहत प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

स्थानीय युवाओं की बहादुरी

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। प्रदीप रमोला, राहुल और अजय पवार जैसे स्थानीय युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को खाई से निकालने में मदद की। उन्होंने बिना किसी देरी के घायलों को अपनी निजी गाड़ी से जिला अस्पताल भेजा।

घायलों की पहचान और स्वास्थ्य विवरण

गंभीर रूप से घायल दोनों जवानों की पहचान जांबाज सिंह (29) और धवन सिंह (28) के रूप में हुई है। जांबाज सिंह हरियाणा के भिवानी का निवासी हैं, जबकि धवन सिंह जोशीमठ स्थित सिग्नल कंपनी में तैनात हैं। डॉक्टर्स के अनुसार, जांबाज सिंह को सिर में हल्की चोटें आई हैं, जबकि धवन सिंह गंभीर चोटों के कारण बेहोश हैं।

प्रशासन की जांच

दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने के लिए प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के हादसे अक्सर खराब सड़कों और तीखे मोड़ों की वजह से होते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी रहती है।

गोपेश्वर-चोपता मार्ग पर हुई यह दुर्घटना एक बार फिर रास्तों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। पहाड़ी परिवहन में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय प्रशासन को सड़कें और सुरक्षा उपायों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

चमोली में हुई यह दर्दनाक घटना हमें याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। आशा है कि इस घटना से सबक लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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लेखिका: सृष्टि रानी

टीम नेटaa नगरी

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