सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर ने पूर्व सैनिकों के साथ राहुल गांधी के दौरे का विरोध किया

देहरादून बृहस्पतिवार को परेड ग्राउंड के पास सीडीएस स्वर्गीय विपिन सिंह रावत स्मारक के पास राहुल गांधी के गढ़वाल दौरे के विरोध में पुतला दहन किया। इस अवसर पर नव…

Jun 5, 2026 - 00:37
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सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर ने पूर्व सैनिकों के साथ राहुल गांधी के दौरे का विरोध किया
सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर ने पूर्व सैनिकों के साथ राहुल गांधी के दौरे का विरोध किया

सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर ने पूर्व सैनिकों के साथ राहुल गांधी के दौरे का विरोध किया

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में पूर्व सैनिकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे का विरोध करते हुए पुतला दहन किया है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य नेतृत्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट ने किया।

देहरादून में बृहस्पतिवार को सीडीएस स्वर्गीय विपिन सिंह रावत स्मारक के पास यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहां शमशेर बिष्ट ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पूर्व में भारतीय सेना का अपमान किया है। उनका कहना था कि राहुल गांधी का गढ़वाल दौरा सैनिकों की भावनाओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हमेशा से सेना का अपमान करते आए हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत भी मांगे थे और एक बार तो कांग्रेस के प्रवक्ता ने हमारे सेनापति को 'गली का गुण्डा' तक कहा था। इस पर राहुल गांधी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं की। यह भारतीय सेना के लिए बहुत बड़ा अपमान है।"

शमशेर ने आगे बताया, "राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था कि अगर मजदूरों और किसानों को मजबूत कर दिया जाए, तो सेना को सीमा में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं है। यह बयान भी भारतीय सैनिकों के प्रति उनकी सचेत विचारधारा को दर्शाता है।" उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके शासन में सैनिकों के हितों को कभी ध्यान में नहीं रखा गया।

Protest Image

इस दौरान, अन्य पूर्व सैनिकों में कैप्टन यू डी जोशी, कैप्टन चन्दन सिंह बिष्ट, कैप्टन दिनेश प्रधान, कैप्टन सुख बहादुर गुरूंग, सुबेदार विक्रम सिंह कंडारी, हवलदार विनोद प्रकाश अवस्थी, और हवलदार गंगा दत्त बहुगुणा भी उपस्थित थे।

उन्होंने यह भी कहा, "आज भारतीय सेना न केवल देश की बल्कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है। ऐसे में, राहुल गांधी को सेना पर गर्व होना चाहिए, न कि उन्हें आलोचना करनी चाहिए। वे आज राजनीतिक लाभ उठाने के लिए पौड़ी के दौरे पर आ रहे हैं।"

यह विरोध प्रदर्शन भारतीय सेना के प्रति पूर्व सैनिकों की भावनाओं को व्यक्त करता है और राहुल गांधी के बयान और कार्यों पर एक सार्थक प्रश्न उठाता है। आगे चलकर यह देखना होगा कि क्या राहुल गांधी इस दिशा में अपने विचारों में कोई बदलाव लाते हैं।

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समीक्षा में, यह विरोध केवल एक राजनीतिक परवाह नहीं है, बल्कि यह उन भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जो भारतीय सैनिक और पूर्व सैनिक अपने देश के लिए महसूस करते हैं। भारतीय राजनीति में विशेषकर सेना की भूमिका और गरिमा पर ध्यान देना आवश्यक है।

हमारी संवाददाता द्वारा रिपोर्ट किया गया। सादर, टीम नेटा नागरी - सुमन चौहान

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