वीडियो: विधायक ने कहा ‘मैं ही न्यायालय, डंडे मारकर भगाऊंगा’, मूर्ति विवाद में जमकर भिड़े वर्तमान और पूर्व विधायक
Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर कस्बे में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और भाजपा नेता व पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। खासकर … The post वीडियो: विधायक बोले ‘मैं ही न्यायालय, डंडे मारकर भगाऊंगा’, मूर्ति विवाद में वर्तमान और पूर्व विधायक भिड़े appeared first on Round The Watch.
वीडियो: विधायक ने कहा ‘मैं ही न्यायालय, डंडे मारकर भगाऊंगा’, मूर्ति विवाद में जमकर भिड़े वर्तमान और पूर्व विधायक
राजकुमार धिमान, उत्तराखंड: ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर कस्बे में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और बीजेपी नेता व पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। खासकर विधायक आदेश की तीखी टिप्पणी ने स्थिति को और बढ़ा दिया, जब उन्होंने धमकाते हुए कहा कि वह स्वयं न्यायालय हैं और डंडे से लोगों को भगा देंगे।
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ठाकुर मंदिर के सामने हुआ हंगामा
घटना ठाकुर मंदिर के सामने की बताई जा रही है, जहां विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ प्रतिमा स्थापित करने के लिए टाइल्स हटाने का काम शुरू करने पहुंचे। जैसे ही यह जानकारी भाजपा नेता शैलेंद्र मोहन सिंघल को मिली, वह भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मांग और अनुमति को लेकर विवाद
विधायक आदेश चौहान का कहना है कि रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने की मांग लंबे समय से स्थानीय महिलाओं और ब्राह्मण समाज की ओर से की जा रही थी। उनके अनुसार, जिस स्थान पर प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव है, वह पहले अवैध अतिक्रमण का भूखंड था, जिसे नगरपालिका ने अब हटा दिया है और इस कार्य के लिए जिला प्रशासन से उचित अनुमति भी प्राप्त की जा चुकी है।
वहीं, पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल ने आरोप लगाया कि विधायक ने बिना उचित प्रक्रिया के खुदाई का काम शुरू कर दिया। उनका यह भी कहना है कि जब स्थानीय लोगों ने अनुमति पत्र मंगवाना चाहा, तो विधायक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। उनके अनुसार, विधायक का यह बयान - ‘मैं ही न्यायालय, डंडे मारकर भगाऊंगा’ - स्थिति को और भी तगड़ा बना दिया।
अन्य मांगों ने बढ़ाई जटिलता
पूर्व विधायक सिंघल ने यह भी बताया कि उसी स्थान पर महाराज अग्रसेन की प्रतिमा लगाने की मांग भी स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही है। इस संबंध में प्रशासन को आवेदन दिया गया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
जैसे ही विवाद बढ़ा, मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया, और फिलहाल प्रतिमा स्थापना का कार्य रुकवा दिया गया है। अब इस पूरे मामले में प्रशासन के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, ताकि आगामी स्थिति स्पष्ट हो सके।
कम शब्दों में कहें तो, जसपुर में मूर्ति विवाद ने विधायक के बयान के बाद गंभीर मोड़ ले लिया है। मामले की न्यायालयिक प्रक्रिया अगर जल्द नहीं शुरू हुई, तो तनाव और बढ़ सकता है। यदि आप इस मामले के विकास के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएँ: Netaa Nagari.
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