देहरादून के डीएवी कॉलेज में 2.27 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, ईडी की कोर्ट में शिकायत

Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून स्थित DAV (PG) College से जुड़े बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज करते हुए दो आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की है। एजेंसी ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत पीयूष चंद्र भटनागर और रंजना रावत को आरोपी … The post डीएवी कॉलेज में 2.27 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, ईडी ने कोर्ट में की अभियोजन शिकायत appeared first on Round The Watch.

Jun 4, 2026 - 00:37
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देहरादून के डीएवी कॉलेज में 2.27 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, ईडी की कोर्ट में शिकायत
देहरादून के डीएवी कॉलेज में 2.27 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, ईडी की कोर्ट में शिकायत

देहरादून के डीएवी कॉलेज में 2.27 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा, ईडी की कोर्ट में शिकायत

कम शब्दों में कहें तो: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून स्थित DAV (PG) College से जुड़े छात्रवृत्ति घोटाले में अभियोग दाखिल कर दो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।

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Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित DAV (PG) College से संबंधित एक महत्त्वपूर्ण छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस प्रकरण में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों, पीयूष चंद्र भटनागर और रंजना रावत के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दर्ज की है। इन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं।

छात्रवृत्ति राशि का दुरुपयोग

ईडी की जांच में यह पाया गया है कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच शिक्षा संस्थान में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए जारी की गई छात्रवृत्ति राशियों को एक अनधिकृत बैंक खाते में जमा किया गया। कुल मिलाकर यह राशि 2.27 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई जो कि आवश्यक खाता के बजाय गलत तरीके से संचालित की गई।

पहली प्रारंभिक जांच से मिलते जुलते सबूत

इस मामले की शुरूआत तब हुई जब उत्तराखंड पुलिस ने पहले प्राथमिकी दर्ज की थी और उसके बाद आरोपपत्र पेश किया गया था। इसी आधार पर ईडी ने मामले में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की दिशा में जांच शुरू की।

अनधिकृत बैंक खाते का इस्तेमाल

जांच में पता चला है कि कॉलेज प्रबंधन ने देना बैंक की लक्ष्मी रोड शाखा में खाता खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन दस्तावेजों में हेरफेर कर एक अनधिकृत खाता जीएमएस रोड शाखा में खोला गया। आरोप है कि पीयूष चंद्र भटनागर ने सहयोगियों के साथ मिलकर इस खाते का संचालन किया और छात्रवृत्ति की राशि को विभिन्न खातों में शातिराना तरीके से स्थानांतरित किया।

नकद निकासी और निजी खातों में ट्रांसफर

जांच में यह भी सामने आया कि इस अनधिकृत खाते से 42.50 लाख रुपये नगद निकाले गए। इसके अलावा, 66.50 लाख रुपये विभिन्न व्यक्तियों के नाम जारी चेकों के माध्यम से निकाले गए। 99.43 लाख रुपये सीधे पीयूष चंद्र भटनागर के निजी बैंक खातों में भी ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है, जिसे अन्य वित्तीय लेनदेन में इस्तेमाल किया गया।

रंजना रावत की संलिप्तता

ईडी ने रंजना रावत की भूमिका को भी ध्यान में रखा है। वह कॉलेज के बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और छात्रवृत्ति समन्वयक थीं। जांच में यह पता चला है कि उन्होंने कई खाली चेकों पर हस्ताक्षर किए, जिनका उपयोग छात्रवृत्ति राशियों को निकालने और अन्य खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

धन का दुरुपयोग

जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले से अर्जित धन का एक हिस्सा बीमा पॉलिसियों और अन्य संपत्तियों में लगाया गया है, साथ ही आरोपी और उनके परिवार के नाम पर बीमा पॉलिसियां भी खरीदी गई हैं। इसके अतिरिक्त, इस धनराशि से एक होंडा एक्टिवा स्कूटर भी खरीदा गया। ईडी ने मामले में 7.86 लाख रुपये मूल्य की चल संपत्तियों को अटैच किया है।

विशेष अदालत में मामला आगे बढ़ा

बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्यों और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के अंतर्गत ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई है। इस संबंध में अभियोजन शिकायत देहरादून के विशेष अदालत में दाखिल की गई है और अब मामले की सुनवाई अदालत में होगी।

जैसे-जैसे मामले की तफ्तीश जारी है, यह देखना होगा कि नतीजे क्या सामने आते हैं और क्या अन्य लोग भी इस मामले में शामिल हैं। इस प्रकार के घोटाले शिक्षा प्रणाली के प्रति एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करते हैं। सुशासन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की व्यवस्थाओं को और भी मजबूत किया जाना चाहिए।

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Team Netaa Nagari, अनु माल्वीया

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