ऋषिकेश में रिश्वतखोर जूनियर इंजीनियर की गिरफ्तारी: 50 हजार की मांग करने वाला आरोपी धराया
Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश से एक जूनियर इंजीनियर (JE) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर टेंडर कार्य के भुगतान के बदले अवैध धन उगाही करने का … The post ऋषिकेश में रिश्वतखोर JE गिरफ्तार: टेंडर पास कराने के बदले मांग रहा था 50 हजार, विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा appeared first on Round The Watch.
ऋषिकेश में रिश्वतखोर जूनियर इंजीनियर की गिरफ्तारी: 50 हजार की मांग करने वाला आरोपी धराया
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के ऋषिकेश से एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
राजकुमार धीमान, देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने एक बड़ी और साहसी कार्रवाई की। उन्होंने ऋषिकेश से एक जूनियर इंजीनियर (JE) को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है। इस आरोपी पर आरोप है कि वह टेंडर कार्य के भुगतान के बदले अवैध धन मांग रहा था, जिससे मामले ने एक बार फिर से सरकारी भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया है।
शिकायत और कार्रवाई की शुरुआत
गोपनीय जांच और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में शिकायत को प्रथम दृष्टा सही पाया गया और देहरादून स्थित थाना सतर्कता अधिष्ठान में मुकदमा भी दर्ज किया गया। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम गठित की।
21 मई 2026 को, विजिलेंस टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी फैसल खान को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन के रूप में हुई है जो कि कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर का निवासी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का असर
बताया जा रहा है कि ट्रैप टीम काफी समय से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इस कार्रवाई के पश्चात, सरकारी विभागों में खलबली मच गई है। वर्तमान में विजिलेंस की टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस प्रकार से ठेकेदारों और शिकायतकर्ताओं से अवैध वसूली करता रहा है या नहीं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरुकता
इधर, सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार में लिप्त है, तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सरकार सच्चाई और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है। ऐसे मामलों में सक्रियता से काम करना न केवल कानून का पालन करना है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी भी है कि हम अपने समाज से भ्रष्टाचार को समाप्त करें।
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संन्यासिन, टीम नेटा नागरी
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