मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा के लिए ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ को मूल mantra बताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र “सुरक्षित यात्रा,…

Jun 2, 2026 - 18:37
 156  1.7k
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा के लिए ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ को मूल mantra बताया
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा के लिए ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ को मूल mantra बताया

मुख्यमंत्री धामी की चारधाम यात्रा की समीक्षा बैठक

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। यात्रा प्रबंधन के लिए ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ को मूल मंत्र मानते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्था की समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा के सफल प्रबंधन के लिए प्रभावी संवाद, बेहतर समन्वय और सुव्यवस्थित प्रबंधन बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि इन तत्वों के माध्यम से चार धाम की यात्रा को और भी सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

चारधाम यात्रा का महत्व

चारधाम यात्रा, भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का प्रतीक है। यह यात्रा हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री धामी ने इस यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पूरे उत्तराखंड के लिए यह यात्रा न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, इस यात्रा से स्थानीय व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलता है।

सुरक्षित यात्रा की आवश्यकताएं

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यात्रा की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सभी आवश्यक कदम उठाएं ताकि तीर्थयात्री सुरक्षित और संतोषजनक यात्रा कर सकें। इस संदर्भ में, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सुगम दर्शन और सतत संवाद

मुख्यमंत्री ने सुगम दर्शन का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके लिए सभी मंदिर और अन्य तीर्थ स्थल ऐसे बनाये जाने चाहिए कि आम आदमी की पहुंच में रहें। उन्होंने साथ ही सतत संवाद को भी महत्व दिया जिसमें स्थानीय प्रशासन और यात्रा से जुड़ी सभी एजेंसियों के बीच संवाद बेहतर करने की बात कही।

यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियां

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तैयार रहना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। उन्होंने मौसम की स्थिति, पर्यटकों की संख्या, और स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय को लेकर सतर्क रहने का सुझाव दिया।

विचार और संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने सभी अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं पहले से बेहतर हों। उन्होंने सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान भी किया ताकि यात्रा को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से सफल बनाया जा सके। उनकी दृष्टि में, यदि सभी लोग मिलकर काम करें तो यात्रा की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।

टीम नेटaa नगरी, नेटaa नगरी पर अधिक अपडेट के लिए विजिट करें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow