विकास का धामी मॉडल: मियावाला में पारंपरिक तालाब का कायाकल्प, नया पार्क बना लोगों की सैर का स्थान

देहरादून — 20-04-2026 *धामी मॉडल पर काम : मियावाला में तालाब का कायाकल्प, जनता को मिला आधुनिक पार्क* 20260420-WA0029.mp4″][/video] मुख्यमंत्री

Apr 21, 2026 - 00:37
 124  5.3k
विकास का धामी मॉडल: मियावाला में पारंपरिक तालाब का कायाकल्प, नया पार्क बना लोगों की सैर का स्थान
विकास का धामी मॉडल: मियावाला में पारंपरिक तालाब का कायाकल्प, नया पार्क बना लोगों की सैर का स्थान

विकास का धामी मॉडल: मियावाला में पारंपरिक तालाब का कायाकल्प, नया पार्क बना लोगों की सैर का स्थान

देहरादून — 20-04-2026

धामी मॉडल पर कार्य: मियावाला में तालाब का कायाकल्प, जनता को मिला आधुनिक पार्क

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून का मियावाला अब एक आधुनिक पार्क के रूप में विकसित हुआ है, जिसमें शहर के पुराने जल स्रोतों की सुंदरता को नई जीवन मिली है। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण योजनाओं को तेजी से लागू किया है। विशेष रूप से, मियावाला क्षेत्र के पुराने प्राकृतिक तालाबों और पार्कों का कायाकल्प इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब, लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया यह तालाब और पार्क, न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है बल्कि जनसुविधा का भी अद्भुत उदाहरण बन गया है।

मियावाला में तालाब

मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के पास जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पड़े पुराने तालाब के कायाकल्प के बाद इस पार्क का लोकार्पण रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। इस समारोह में स्थानीय पार्षद, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। एमडीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता और अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण बताया। तेजी से शहरीकरण के चलते प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र सिमट रहे हैं, ऐसे में एमडीडीए द्वारा इस तरह की पहलों की आवश्यकता है।

पार्क का दृश्य

पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश

दोस्तों, विकसित पार्क में जनता की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। यहाँ पार्क का प्रवेश द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति का स्वरूप पेश करता है। इसके अंतर्गत योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, रेलिंग, गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, बेंच और हरियाली से भरे खुले क्षेत्र का विकास किया गया है।

पार्क की सुविधाएं

शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा

इस तरह के प्रोजेक्ट्स सिर्फ शहर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका रखेंगे। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, और हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। एमडीडीए का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

पार्क का अन्य दृश्य

प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने की पहल - उमेश शर्मा काऊ

रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मियावाला में विकसित किए गए इस पार्क की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने जिस संवेदनशीलता के साथ तालाब का संरक्षण किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन का एक अच्छा उदाहरण बताया।

उमेश शर्मा काऊ का भाषण

पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन - बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करना भी है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, और यहां कई अन्य स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे।

बंशीधर तिवारी का उद्बोधन

प्रकृति और विकास का संगम - मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस विकासशील मॉडल के तहत मियावाला का यह पार्क न केवल एक टूरिस्ट अट्रैक्शन है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा में लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। इस पहल को अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

Team Netaa Nagari

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow