'पापा बाहर से नाश्ता ले आओ', और फांसी के फंदे से झूल गई 28 साल की इंजीनियर, वजह एक फेक वीडियो
Nagpur Suicide Case: नागपुर शहर में 28 साल की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है. उसने एक कथित सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें दावा किया गया है कि वह एक फर्जी वीडियो और जान से मारने की धमकी से जुड़ी साजिश की शिकार हुई है. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. 15 दिन पहले अपने घर नागपुर लौटी थी महिला पुणे की एक कंपनी में काम करने वाली इंजीनियर लगभग 15 दिन पहले अपने घर नागपुर लौटी थी, जहां वह अपने पिता, भाई और रिश्तेदार के साथ रहती थी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार की सुबह जब मनकापुर इलाके में स्थित घर पर केवल उसके पिता ही थे तो उसने अपने पिता से नाश्ता लाने के लिए बाहर जाने को कहा और बाद में फांसी लगा ली. दो लोगों को ठहराया अपनी मौत का जिम्मेदार उन्होंने बताया कि पुलिस को उसके घर से अंग्रेजी और मराठी में लिखा एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने रितेश और प्रतिम नामक दो व्यक्तियों पर अपनी मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके रूममेट ने उसे जान से मारने की धमकी दी है. इसके अलावा उसने कहा कि पांच मार्च को इंदौर हवाई अड्डे से उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया था और शिकायत दर्ज कराने के प्रयासों के बावजूद पुलिस ने कथित तौर पर मोबाइल बिल नहीं होने का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. फर्जी वीडियो के जरिए फंसाया गया! पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में उसने यह भी दावा किया कि उसे एक फर्जी वीडियो के जरिए फंसाया जा रहा है जिसमें एक हमशक्ल है. अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. यह भी पढें- Waqf Bill: वक्फ बिल पास होने के बाद क्या करेगी शरद पवार की पार्टी? सांसद बोलीं- 'सुप्रीम कोर्ट...'

‘पापा बाहर से नाश्ता ले आओ’, और फांसी के फंदे से झूल गई 28 साल की इंजीनियर, वजह एक फेक वीडियो
Netaa Nagari: आज के दौर में सोशल मीडिया का असर हर किसी के जीवन में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एक वाकया सामने आया है, जो सभी को सोचने पर मजबूर कर देता है। एक 28 वर्षीय इंजीनियर, जो अपने रोजगार के साथ साथ अपने परिवार की जिंदगी में खुशियों का समावेश कर रही थी, एक फेक वीडियो के चलते अपनी जान गंवा बैठी।
कहा हुआ था मामला?
यह घटना आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम की है, जहां एक खूबसूरत और सफल इंजीनियर ने एक फेक वीडियो को देखकर इतना तनाव ले लिया कि उसने आत्महत्या का कदम उठाया। परिवार के सदस्य बताते हैं कि उसने अपने पिता से "पापा बाहर से नाश्ता ले आओ" कहकर घर के बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद, वह अपने कमरे में गई और फांसी के फंदे से झूल गई।
फेक वीडियो का प्रभाव
जानकारी के अनुसार, लड़की ने एक वायरल वीडियो देखा था जिसमें दिखाया गया था कि कई इंजीनियर्स की नौकरी चल रही है और कुछ लोग उनकी सफलता का मजाक बना रहे हैं। यह वीडियो उसकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल गया, जिससे वह डिप्रेशन में चली गई। परिवार वाले भी उसकी मानसिक स्थिति को समझने में असफल रहे।
समाज की जिम्मेदारी
इस घटना के बाद, समाज में इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई है कि कैसे सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारियाँ युवा पीढ़ी पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं। हमें यह समझना चाहिए कि केवल एक वीडियो या पोस्ट के आधार पर किसी की जिंदगी को खतरनाक मोड़ पर नहीं लाना चाहिए।
क्या किया जा सकता है?
आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए परिवारों को अपने बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना चाहिए। यदि कोई इंसान अवसाद में है तो उसके साथ समय बिताना और उसके विचारों को सुनना आवश्यक है।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक दुखद कहानी है बल्कि एक चेतावनी भी है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि सोशल मीडिया की दुनिया में क्या गलत है और हमें अपने बच्चों को इसके खतरों से अवगत कराना होगा। आइए हम सभी इस विषय पर ध्यान दें ताकि भविष्य में कोई और ऐसा कदम न उठाए।
इस दुखद घटना से हमें यह सीख मिलती है कि जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक दूसरे का सहारा बनना कितना जरूरी है।
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