नेपाल बाढ़ में 579 पर्यटक लापता, पीएम मोदी ने नेपाली पीएम से की बात, उत्तराखंड ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
देहरादून/नेपाल नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में भारी तबाही हुई है। नेपाल के प्रधानमंत्री ने पुष्टि की है…
नेपाल में बाढ़ से 579 पर्यटक लापता, भारत ने सहायता का आश्वासन दिया
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कम शब्दों में कहें तो, नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 579 पर्यटक लापता हैं।
देहरादून/नेपाल: नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में भारी बाढ़ के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। नेपाल के प्रधानमंत्री ने पुष्टि की है कि इस बाढ़ में मृतकों की संख्या 95 तक पहुंच गई है। साथ ही, नेपाली पुलिस ने बताया है कि अब तक लापता पर्यटकों की संख्या 579 हो चुकी है। इन लापता पर्यटकों में से 466 विदेशी नागरिक हैं, जो कि 28 विभिन्न देशों से हैं।
इन लापता पर्यटकों में 113 नेपाल के नागरिक, 54 अमेरिकी और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि रसुवा में आई इस आपदा का कारण भूकंप के साथ आए हिमस्खलन हैं।
खनाल ने आगे बताया कि बाढ़ सुबह लगभग 8:40 बजे आई और इससे रसुवा और नुवाकोट ज़िलों के कई इलाके प्रभावित हुए, जैसे तिमुरे, स्याफ़रुबेसी, बेत्रावती, त्रिशूली बत्तर और देवीघाट। इन इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। वे यह भी बता रहे थे कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे के क्षेत्रों में खतरा अभी भी बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर स्थिति को लेकर नेपाली पीएम बालेंद्र शाह से बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं।"
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ काम कर रही हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई बाढ़ की जन-धन क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि और व्यापक नुकसान अत्यंत दुःखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता और राज्य सरकार की संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
उत्तराखंड और नेपाल के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंध हैं। दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पारिवारिक और सामाजिक संबंधों के साथ-साथ आर्थिक संबंध भी काफी मजबूत हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के लोग भी नेपाल के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को साझा करते हैं। ऐसी स्थिति में, नेपाल में आई आपदा का दुख उत्तराखंड के लोगों के लिए अपने परिवार के किसी सदस्य के संकट में होने जैसा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से नेपाल के शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों के जल्दी स्वस्थ होने और नेपाल में सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली की प्रार्थना की।
इसके साथ ही, बाढ़ से हुई जन-धन क्षति को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि कोई उत्तराखण्ड का नागरिक नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में फंसा हुआ है या किसी व्यक्ति के संबंध में जानकारी साझा करना चाहता है, तो राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:
- 0135-2710334
- 2710335
- 2664314
- 2664315
- 2664316
- 8218867005
इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1070 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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सादर, टीम नेटaa नगरी
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