दून में रिटायर इंजीनियर की करोड़ों की जमीन पर फर्जी कब्जा, दो गिरफ्तार
Round The Watch News: राजधानी दून के पाश इलाके इंजीनियर्स एन्क्लेव में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता (एसई) की करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के मामले में वसंत विहार थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विवेचना के दौरान दोनों की भूमिका मुख्य आरोपित सत्यम पुंडीर के साथ मिलकर … The post रिटायर एसई की करोड़ों की जमीन कब्जाने वाले दो गिरफ्तार appeared first on Round The Watch.
दून में रिटायर इंजीनियर की करोड़ों की जमीन पर फर्जी कब्जा, दो गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, राजधानी दून के इंजीनियर्स एन्क्लेव में रिटायर हुए अधीक्षण अभियंता (एसई) की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कब्जा करने के आरोप में वसंत विहार थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान मुख्य आरोपी सत्यम पुंडीर और उसके सहयोगियों की भूमिका उजागर हुई। आरोपियों के पास से मिले फर्जी दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि वे एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में शामिल थे।
मामले की शुरुआत
इंजीनियर्स एन्क्लेव में स्थिति संपत्ति को लेकर सचिन चंद्र, जो कि गाजियाबाद के वसुंधरा एन्क्लेव निवासी हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, उनके पिता, दिनेश चंद्र ने अगस्त 1987 में जीएमएस रोड स्थित इस भूमि को खरीदा था। दिनेश चंद्र का निधन 24 दिसंबर 2024 को हुआ था। उनकी मृत्यु के एक वर्ष बाद, फर्जी गिफ्ट डीड तैयार की गई, जिसके आधार पर आरोपियों ने भूमि पर कब्जा कर लिया।
फर्जी दानपत्र और झूठा आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी सत्यम पुंडीर ने फर्जी दस्तावेज में खुद को दिनेश चंद्र का पोता बताने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका परिवार अनुसूचित जाति समुदाय से है, जबकि फर्जी दानपत्र में दर्शाए गए लाभार्थी की पृष्ठभूमि भिन्न थी। आरोप है कि दस्तावेज के आधार पर निर्माण कार्य आरंभ कराया गया और वहां सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया।
पुलिस कार्रवाई
इस मामले में सत्यम पुंडीर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। प्रारंभिक जांच के दौरान उप निरीक्षक सुनील नेगी द्वारा मामले की जांच की गई। इस दौरान एससी-एसटी एक्ट की धारा को भी जोड़ा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की अगली जांच सीओ सहसपुर अनुज कुमार को सौंप दी गई।
दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों, दिलीप कुमार गुप्ता तथा कर्मदास की भी भूमिका सामने आई। ये दोनों आरोपी मुख्य विवाद में शामिल थे। सोमवार को पुलिस ने इन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया। अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस संतोषजनक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
इस मामले ने न केवल कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाई हैं, बल्कि रिटायर अधिकारियों के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता भी खोली है। इस घटना ने यह प्रश्न उठाया है कि क्या हमारे सुरक्षा तंत्र में कहीं न कहीं कमज़ोरी है, जिसकी वजह से इस तरह के अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।
फिलहाल, पूरी घटना की गहनता से जांच जारी है और पुलिस ने इसे प्राथमिकता के मामले के रूप में लिया है। इसके परिणामस्वरूप, संभव है कि अन्य आरोपी भी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का होना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।
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सादर,
Team Netaa Nagari (सारिका शर्मा)
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