उत्तराखण्ड पुलिस की बड़ी पहल: डिजिटल सुरक्षा पर युवा विद्यार्थियों से संवाद
पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड दिनांक: 27 अगस्त, 2026 डीजीपी उत्तराखंड ने 1100 से अधिक स्कूलों के लगभग 1.75 लाख छात्रों से
उत्तराखण्ड पुलिस की बड़ी पहल: डिजिटल सुरक्षा पर युवा विद्यार्थियों से संवाद
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कम शब्दों में कहें तो, माननीय प्रधानमंत्री जी के डिजिटल सुरक्षा संदेश और मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम” के तहत उत्तराखंड पुलिस ने साइबर सुरक्षा जागरूकता की एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसमें 1100 से अधिक स्कूलों के लगभग 1.75 लाख छात्रों ने भाग लिया।
पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त, 2026 को डीजीपी उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने एक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम के जरिए छात्रों से बातचीत की, जिसमें साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। इस कार्यक्रम में देश भर के राजकीय स्कूलों से उत्साही विद्यार्थियों ने भाग लिया और उन्होंने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और जानकारी हासिल की।
इस मौके पर डीजीपी ने छात्रों को जागरूक करते हुए कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को विफल कर सकती है।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
यह कार्यक्रम उत्तराखण्ड के नवोदय विद्यालय, तपोवन, नालापानी, देहरादून से संचालित किया गया, जिसमें लगभग 1.75 लाख छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाना था।
डीजीपी ने छात्रों से सीधा संवाद करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, हैकिंग, साइबर बलिंग और साइबर शिकायत दर्ज कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को तकनीकी युग में न केवल मनोरंजन के लिए तकनीक का उपयोग करना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से अपने भविष्य को सुधारने के लिए भी सकारात्मक रूप से सोचना चाहिए।
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा पर नियमित रूप से कार्यशालाएँ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। डीजीपी ने कहा कि विद्यार्थियों की इस प्रतिस्पर्धा का उपयोग करते हुए जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने सभी छात्रों से अपील की कि वे अपने माता-पिता, दोस्तों एवं परिवार को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। इसके अलावा, जानकारी और मीडिया को सत्यापित किए बिना आगे बढ़ाने से बचें।
डिजिटल मुद्दों पर जागरूकता सेशन
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (साइबर) श्री नीलेश आनंद भरणे और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा के महत्व, बदलते साइबर अपराधों और उनसे निपटने के उपायों के बारे में छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को AI, डीपफेक, डिजिटल गिरफ्तारी, साइबर बलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी।
आगे की दिशा
कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए, पुलिस महानिदेशक ने कहा कि भविष्य में और अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र इन विषयों पर जानकारी हासिल कर सकें। साथ ही, उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले और राज्य स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह पहल न केवल छात्रों को सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का एक प्रयास भी है।
सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में हर एक का योगदान आवश्यक है।
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Team Netaa Nagari, सुनिता शर्मा
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