पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भावनात्मक भागीदारी
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई पूर्व सीएम,मंत्री, विधायकों और नेताओं समेत उत्तराखंड और देहरादून के प्रतिष्ठित लोगों ने रविवार को डी.एल रोड, देहरादून स्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह…
पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट पंचतत्व में विलीन
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कम शब्दों में कहें तो, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट की अंतिम यात्रा में देहरादून के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और हजारों लोग शामिल हुए।
देहरादून: रविवार को, उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को अंतिम विदाई देने के लिए समस्त शहर भर से लोग जमा हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सीएम, अन्य मंत्री, और विधायकों के साथ मिलकर उन्होंने डी.एल रोड पर स्थित बिष्ट के निजी आवास और नाकापानी श्मशान में जाकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।
अंतिम यात्रा में शामिल गणमान्य व्यक्ति
हीरा सिंह बिष्ट की अंतिम यात्रा में उपस्थित लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र रावत, केबिनेट मंत्री गणेश जोशी और खजान दास शामिल थे। देहरादून महानगर के मेयर सौरभ थपलियाल एवं कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।
नालापानी श्मशान घाट पर, स्व. बिष्ट के पुत्र अनूप बिष्ट ने अपने पिता को चिता को अग्नि दी। इस भावनात्मक क्षण को देखने के लिए कई नेताओं और स्थानीय निवासियों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया।
नेताओं का एकजुट होना
इस अवसर पर राज्य मंत्री अशोक वर्मा, पूर्व मंत्री प्रसाद नैथानी, विधायक विक्रम नेगी, धीरेन्द्र प्रताप और कई अन्य विधायक एवं नेता भी मौजूद थे। सभी ने स्व. बिष्ट के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा में न केवल उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य किया।
नेतित्व की एक नई परिभाषा
हीरा सिंह बिष्ट अपने राजनैतिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने हमेशा जनता की भलाई के लिए आवाज उठाई और विभिन्न सामाजिक योजनाओं का क्रियान्वयन किया। उनका निधन उत्तराखंड के राजनीतिक क्षेत्र में एक बड़ा नुकसान है।
इस अंतिम यात्रा के दौरान, उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों ने एकजुट होकर उन्हें अंतिम विदाई दी। यह कार्यक्रम केवल एक शोकसभा ही नहीं, बल्कि बिष्ट के योगदान को स्मरण करने का भी अवसर था। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।
राजनैतिक दृश्य पर, उनका निधन एक नए नेतृत्व के लिए चुनौती पेश करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में कौन ऐसी शख्सियतें आगे आएंगी जो उनके काम को आगे बढ़ा सकें।
सभी लोगों को उनकी याद आएगी, और उनकी शिक्षाएं समाज में अमिट छाप छोड़ेंगी। हम सभी की तरफ से, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।
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Team Netaa Nagari
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