उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: परिणाम की मांग पर चढ़े टंकी, पुलिस से भिड़ंत
Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब वर्ष 2019 से 2022 बैच के बीएएमएस (BAMS) छात्रों ने लंबित परीक्षा परिणाम और आगे की परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। राज्य के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों से पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय … The post उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बवाल: परिणाम की मांग पर टंकी पर चढ़े छात्र, पुलिस से नोकझोंक appeared first on Round The Watch.
उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: परिणाम की मांग पर चढ़े टंकी, पुलिस से भिड़ंत
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में BAMS छात्रों ने लंबित परिणामों और परीक्षाओं की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया, जिसमें छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बुधवार को उस समय बवाल मच गया जब 2019 से 2022 बैच के बीएएमएस (BAMS) छात्रों ने अपनी लंबित परीक्षा परिणामों और आगामी परीक्षाओं के आयोजन की मांग लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन छात्रों ने राज्य के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों से आकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों को कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं मिला, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। आक्रोशित छात्रों ने प्रशासनिक भवन में हंगामा किया और कर्मचारियों को मजबूर किया कि वे अपने कमरों से बाहर आएं।
टंकी पर चढ़े छात्र, परिसर में मचा हंगामा
प्रदर्शन ने उस समय और उग्र रूप लिया जब छह छात्र विश्वविद्यालय परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इससे परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और अधिकारियों के साथ मिलकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया।
पानी की टंकी पर चढ़े छात्रों के समर्थन में नीचे खड़े अन्य छात्रों ने भी लगातार नारेबाज़ी की। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया, जिसके कारण छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी रही।
छात्रों का आक्रोश: 'हमारा भविष्य अधर में'
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने बीएएमएस की पढ़ाई में लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनका आरोप है कि पिछले दो साल से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं और आगे की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं की जा रही हैं।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा परिणाम और परीक्षा की विलम्बता के कारण वे न तो आगे की पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही किसी इंटर्नशिप या अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में शामिल हो पा रहे हैं। यह स्थिति उनके सम्पूर्ण शैक्षणिक सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
छात्रों ने कहा कि पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए जाते और लंबित परीक्षाओं पर निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विश्वविद्यालय का पक्ष: न्यायालय का मामला
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि संबंधित निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों ने इन छात्रों को बिना NEET और काउंसलिंग के प्रवेश दिया था। इस मुद्दे से संबंधित एक मामला न्यायालय में लंबित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के बाद ही परीक्षा परिणामों के जारी करने या आगे की परीक्षाओं के संचालन के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाकर कोई भी फैसला नहीं लिया जा सकता और न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
इस कठिनाई के चलते छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। छात्रों की यह मांग न केवल उनके भविष्य के लिए, बल्कि समस्त शैक्षणिक सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण सवाल बन गई है।
For more updates, visit Netaa Nagari.
सादर,
Team Netaa Nagari
श्रेया तिवारी
What's Your Reaction?