उत्तराखंड की सियासत में नए विकल्प की दस्तक, राज्य स्वराज पार्टी का शुभारंभ

‘हीरा’ चुनाव चिह्न लॉन्च, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सभी पदाधिकारी और सदस्य पार्टी में शामिल देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में

Oct 30, 2026 - 00:37
 151  2.7k
उत्तराखंड की सियासत में नए विकल्प की दस्तक, राज्य स्वराज पार्टी का शुभारंभ

‘हीरा’ चुनाव चिह्न लॉन्च, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सभी पदाधिकारी और सदस्य पार्टी में शामिल

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में राज्य स्वराज पार्टी का शुभारंभ किया गया। गुरुवार को उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता ‘नए विकल्प का संकल्प’ के दौरान पार्टी की शुरुआत की घोषणा की गई। इस अवसर पर पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हीरा’ को भी लॉन्च किया गया। पार्टी ने प्रदेश के विकास, जनहित और जनभागीदारी को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने का संकल्प व्यक्त किया।

प्रेस वार्ता में राज्य स्वराज पार्टी के संस्थापक सदस्य देवेश्वर भट्ट, अध्यक्ष भरत रावत, महासचिव राजेंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष चित्रपाल सजवान और प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी समीर सजवान उपस्थित रहे।

उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा का पार्टी में विलय, सभी सदस्यों ने ली सदस्यता

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का राज्य स्वराज पार्टी में शामिल होना रहा। इस सामूहिक निर्णय को नए राजनीतिक विकल्प के गठन और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में अमित अग्रवाल, मनीष राणा, पवन होंडा, संजू चमोला, विपिन पपोला, निधि पपोला, कमल, अमित क्षेत्री, पूर्व सैनिक सतेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक घनश्याम, आशीष, गौरव, दिव्यांश असवाल, संदीप, अहसान, शुभम गौड़, दिव्यांश बिष्ट, जगत, संजय शर्मा, नैतिक, तेजस, अमित श्रीवास्तव, ललित श्रीवास्तव, पिंकू, राजेश, देवेंद्र बिष्ट, सुमित अग्रवाल, बलदेव भंडारी और हरदेव पंवार शामिल रहे।

जनहित, विकास और जनभागीदारी पर रहेगा जोर

राज्य स्वराज पार्टी ने उत्तराखंड के स्वाभिमान, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई। पार्टी के शुभारंभ और ‘हीरा’ चुनाव चिह्न की लॉन्चिंग को प्रदेश की राजनीति में नए विकल्प की शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया।

प्रेस वार्ता में नए संकल्प के साथ उत्तराखंड के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करने की बात कही गई। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के सदस्यों और पदाधिकारियों के पार्टी में शामिल होने को संगठनात्मक एकजुटता और नए राजनीतिक सफर की शुरुआत बताया गया।

अब राज्य स्वराज पार्टी के सामने प्रदेश के जनसरोकारों को राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने, संगठन का विस्तार करने और जनता के बीच अपनी पहचान मजबूत करने की चुनौती होगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow