हिमालय और संस्कृति की सुरक्षा का संदेश देंगे कलम सिंह बिष्ट, 60 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन
देहरादून/मुन्दोली,चमोली हिमालय के पर्यावरण, प्राकृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलम सिंह बिष्ट 18 सितंबर 2026 की सुबह 60…
हिमालय और संस्कृति की सुरक्षा का संदेश देंगे कलम सिंह बिष्ट, 60 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन
कम शब्दों में कहें तो, अंतरराष्ट्रीय धावक कलम सिंह बिष्ट 18 सितंबर 2026 को 60 किलोमीटर दौड़कर हिमालय की पर्यावरण और संस्कृति की सुरक्षा का संदेश देंगे।
देहरादून/मुन्दोली, चमोली: एक विश्वसनीय आवाज के रूप में उभरते हुए, कलम सिंह बिष्ट ने 18 सितंबर 2026 की सुबह ‘रन फॉर सेफ कल्चर एंड हिमालय’ का आयोजन करने की घोषणा की है। यह दौड़ ग्राम मुन्दोली से शुरू होकर बेदनी बुग्याल तक जाएगी, जो लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, और फिर वापस मुन्दोली लौटेगी।
इस विशेष दौड़ का उद्देश्य केवल शारीरिक क्षमता को चुनौती देना नहीं है, बल्कि हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण और इसकी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कलम सिंह बिष्ट, जो कि पूर्व सेना कर्मी, अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल धावक और समाजसेवी हैं, इस अभियान के नायक रहेंगें। उन्हें COAS एवं GOC-in-C पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है और वे अनंत नन्दा फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं।
समाज में जागरूकता बढ़ाना है मुख्य लक्ष्य
इस 60 किलोमीटर का दौड़ स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से जुड़े कई संदेशों को फैलाने का एक माध्यम बनेगा। कलम सिंह ने विशेष रूप से ग्रामीण समुदाय से अपील की है कि वे हिमालय की सफाई और सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि: “हिमालय न केवल हमारी प्राकृतिक धरोहर है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली का भी आधार है। हमें इसे हर प्रकार के प्रदूषण और प्लास्टिक से बचाना चाहिए।”
स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करना
इस दौड़ के तहत, कलम ने स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बुग्यालों, जलस्रोतों और जंगलों को कचरे से दूर रखना आवश्यक है। यह आम आदमी के सामूहिक प्रयासों की मांग करता है।
‘रन फॉर सेफ कल्चर एंड हिमालय’ का यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रोत्साहन है, बल्कि यह युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी प्रयास है। कलम सिंह बिष्ट सभी स्थानीय लोगों और यात्रा करने वालों से अपील करेंगी कि वे मिलकर “हिमालय को सुरक्षित रखें, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करें” के संकल्प को आगे बढ़ाएँ।
इस विशेष आयोजन का स्वागत करते हुए, कलम ने कहा, “यह दौड़ हमें एकजुट करने और हमारी संस्कृति की रक्षा करने का एक साधन है।” उनका यह संदेश स्पष्ट है: सभी को हिमालय की सुरक्षा में भागीदार बनना होगा।
इस अद्वितीय पहल के माध्यम से, कलम सिंह बिष्ट सिर्फ एक धावक नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले एक आंदोलनकारी बनकर उभर रहे हैं। उनके प्रयासों के माध्यम से, हम उम्मीद करते हैं कि हिमालय के प्रति लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ेगी।
जागरूकता फैलाने के इस प्रयास में शामिल होने के लिए, अधिक जानकारी के लिए कृपया Netaa Nagari पर जाएं।
Team Netaa Nagari - प्रिया शर्मा
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