हरिपुर कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण
माँ जमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास, कालसी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विकास को मिली नई दिशा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
हरिपुर कालसी में गूंजा माँ यमुना का जयघोष
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कम शब्दों में कहें तो, हरिपुर कालसी में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया, जिससे क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा मिली।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी किया और हरिघाट का लोकार्पण किया। साथ ही माँ यमुना के पावन तट पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस दौरान यमुना आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे समारोह का आध्यात्मिक वातावरण और भी दिव्य हो गया।
कालसी का आध्यात्मिक विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी की धरती पर आयोजित ये कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक पहचान को मजबूती देंगे, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण, और मंदिर का शिलान्यास इस क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने और कहा कि हरिपुर कालसी के लोगों का आस्था और समर्पण ही इस धरती को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाते हैं। इस खास अवसर पर उन्होंने 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में माँ यमुना के तट पर एक दीया प्रज्वलित किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
दीपों से जगमगाया यमुना तट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 2100 दीपों से यमुना तट जगमगाया। दीपों की रोशनी ने ना केवल कार्यक्रम को भव्य बना दिया, बल्कि श्रद्धा और आस्था की एक नई लहर को भी जागृत किया। इस कार्यक्रम में शामिल अन्य साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भी दीप प्रज्वलित कर धार्मिकता का सन्देश फैलाया।
हनोल मास्टर प्लान और विकास की ओर
मुख्यमंत्री धामी ने उल्लेख किया कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र को विकसित करने के लिए निरंतर कार्यरत है। हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिससे धार्मिक पर्यटन के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक स्थलों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, ताकि प्रदेश के पर्यटन को और भी बढ़ावा मिले। साथ ही स्थानीय लोगों की आर्थिकी को भी मजबूत करने के लिए सरकार प्रयासरत है।
स्थानीय आर्थिकी के लिए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमें केवल तीर्थस्थलों का विकास नहीं करना है, बल्कि स्थानीय लोगों तक विकास के लाभ पहुंचाना भी हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के आयोजन से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिकी भी मजबूत होगी।"
उन्होंने स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर को सहेजने का कार्य सरकार की प्राथमिकता होगी।
आस्था, विरासत और विकास का संगम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। वे चारधाम और अन्य पौराणिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस शानदार समारोह में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, और प्रमुख साधु-संत भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
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Team Netaa Nagari - साक्षी शर्मा
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