हरियाणा के मनदीप ने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवाई, हिमाचल-उत्तराखंड सीमा विवाद में उलझी पुलिस
Rajkumar Dhiman, Dehradun: हिमाचल-उत्तराखंड सीमा से सटे गुप्त सहस्त्रधारा क्षेत्र में रविवार को एक मार्मिक हादसा सामने आया, जहां बेटे को डूबने से बचाने की कोशिश में पिता की जान चली गई। मृतक की पहचान हरियाणा के यमुनानगर जनपद के रादौर क्षेत्र स्थित गांव जगूड़ी निवासी 39 वर्षीय मनदीप कुमार के रूप में हुई है, … The post बेटे को बचाते हुए नदी में डूबा हरियाणा का मनदीप, हिमाचल पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही, उत्तराखंड पुलिस ने की प्रक्रिया पूरी appeared first on Round The Watch.
हरियाणा के मनदीप ने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवाई
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari
कम शब्दों में कहें तो, हरियाणा के 39 वर्षीय मनदीप कुमार ने अपने बेटे को बचाते समय अपनी जान गंवा दी। यह दुखद घटना गुप्त सहस्त्रधारा क्षेत्र में घटित हुई, जहां पिता की बहादुरी ने सभी को भावुक कर दिया।
राजकुमार धिमन, देहरादून: हिमाचल-उत्तराखंड सीमा से सटे गुप्त सहस्त्रधारा क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसा पेश आया, जिसमें पिता ने अपने बेटे को डूबने से बचाने के प्रयास में अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान यमुनानगर जनपद के रादौर क्षेत्र स्थित गांव जगूड़ी के निवासी मनदीप कुमार के रूप में हुई है। मनदीप अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने आए थे।
घटना के समय, मनदीप का परिवार टौंस नदी में नहा रहा था। तभी, उनके बेटे ने अचानक गहरे पानी में जाना शुरू कर दिया। मनदीप ने त्वरित निर्णय लेते हुए बेटे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई और किसी प्रकार बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन इस प्रयास में वे खुद तेज बहाव में फंस गए। यह स्थिति इतनी गंभीर थी कि मनदीप तेजी से पानी में समाने लगे।
घटना के बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। परिजन और आसपास के स्थानीय लोग उसे बचाने के लिए दौड़ पड़े और काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे उपचार के लिए विकासनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद कालसी पुलिस ने मौके पर जाकर शव को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। जानकारी के अनुसार, घटना स्थल हिमाचल प्रदेश की सीमा में आने के कारण पुलिस कार्रवाई में कुछ समय लगा। फिर, उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रक्रिया पूरी की गई। कोतवाल अरविंद चौधरी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी नदियों के खतरों की ओर इशारा करता है, जहां तेज बहाव और तेजी से गहराई पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। मनदीप का अपने बेटे की जान बचाने का संघर्ष हर किसी के दिल को छू गया है और इसने मानवता की उच्चतम भावना को प्रदर्शित किया है।
इस दुखद घटने ने हमें यह याद दिला दिया है कि परिवार के प्रति समर्पण और साहस हमें कितनी उच्चता पर ले जा सकता है। मनदीप की बहादुरी और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।
याद रखें, साहस और प्यार की कहानियाँ कभी नहीं भुलाई जातीं। वास्तविकता में, यह घटना हमें बताती है कि हमें अपने बच्चों की सुरक्षा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।
दिल को छू लेने वाली इस कहानी के लिए और जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें।
सादर,
टीम नेतानगरी, साक्षी शर्मा
What's Your Reaction?