मॉल ऑफ देहरादून में खाद्य सुरक्षा कार्यशाला: रेस्टोरेंट संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड श्री विनय शंकर पांडे तथा जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान के निर्देशानुसार
मॉल ऑफ देहरादून में खाद्य सुरक्षा कार्यशाला: रेस्टोरेंट संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के मॉल में रेस्टोरेंट संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड, श्री विनय शंकर पांडे तथा जिलाधिकारी देहरादून, डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर उपाय किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, शनिवार को देहरादून के मॉल में रेस्टोरेंट संचालकों और मैनेजरों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य और निर्देश
कार्यशाला में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून, श्री मनीष सयाना ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के शेड्यूल-4 के अंतर्गत आवश्यक मानकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।" इस संदर्भ में, उन्होंने रेस्टोरेंट संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए, जैसे:
- कर्मचारियों के नियमित मेडिकल चेकअप।
- उपयोग में लाए गए कुक्ड ऑयल का बार-बार उपयोग न करना।
- फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड की स्थापना।
- व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना।
- तापमान नियंत्रण की व्यवस्था।
- पेस्ट नियंत्रण तकनीकों का उपयोग।
- फास्टेक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
प्रतिभागियों की सूची
कार्यशाला में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, फूड कोर्ट मैनेजर श्री अतुल बलूनी, और बहुत से स्थानीय रेस्टोरेंट जैसे सागर रतना, कालसंग, अम्मा कैफे, कहा बाय रोमियो लेन, लामा, हांग्स किचन, अमृतसरी एक्सप्रेस एवं इंडियन स्टोर के मैनेजर भी उपस्थित रहे। सभी ने इस कार्यशाला से लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
निरीक्षण और नमूनों की जांच
सहायक आयुक्त श्री मनीष सयाना ने यह भी बताया कि कार्यशाला के बाद, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रेसकोर्स और राजीव नगर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अचार एवं पनीर के दो नमूने लिए गए, जिन्हें जांच हेतु खाद्य विश्लेषणशाला में भेजा गया। उन्होंने कहा, "जांच की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
विशेष टिप्पणी
इस तरह की कार्यशालाएँ खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए न केवल आवश्यक हैं, बल्कि रेस्टोरेंट संचालकों को बेहतर सेवा देने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लगातार होती गई सीख और उपाय इनसे जुड़े सभी दलों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
रेस्टोरेंट संचालकों को इस तरह की कार्यशालाओं में भाग लेते रहना चाहिए ताकि वे खाद्य सुरक्षा को लेकर अद्यतित रहें।
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Team Netaa Nagari - दीक्षा शर्मा
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