मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मेरठ-ऋषिकेश हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन के सर्वे की तैयारी

  *कुल 150 किलोमीटर ट्रैक की डीपीआर पर उत्तराखंड, यूपी और एनसीआरटीसी के बीच बनी सहमति* मेरठ के मोदीपुरम से

Jun 18, 2026 - 09:37
 114  2.4k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मेरठ-ऋषिकेश हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन के सर्वे की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मेरठ-ऋषिकेश हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन के सर्वे की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मेरठ-ऋषिकेश हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन के सर्वे की तैयारी

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से उत्तराखंड, यूपी और एनसीआरटीसी के बीच 150 किलोमीटर ट्रैक की डीपीआर पर सहमति बन गई है। अब मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन का सर्वे जल्द शुरू होगा।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

उत्तरी भारत में परिवहन की अपेक्षाओं को पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, उन्होंने उचित सहमति और समर्थन प्राप्त कर, 150 किलोमीटर लम्बे ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। यह ट्रेन क्षेत्रीय परिवहन को एक नई दिशा देने के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेगी।

इस परियोजना के अंतर्गत, मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से ऋषिकेश तक के बीच उच्च गति नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) सेवा का विस्तारीकरण किया जाएगा। इस सेवा का संचालन पहले ही दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक किया जा रहा है, और इसे अब ऋषिकेश तक बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। इस दिशा में, मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मेल-मुलाकात की थी, जहां उन्होंने इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को पेश किया।

परियोजना का महत्व और संरचना

यह परियोजना केवल यात्रा के समय में कमी नहीं लाएगी, बल्कि इसके माध्यम से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को भी मजबूत बनाया जाएगा। प्रस्तावित ट्रैक, जो मोदीपुरम से प्रारंभ होते हुए मुजफ्फरनगर से होते हुए, रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी से गुजरेगा, और ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा, भारत के उत्तराखंड और यूपी के लिए एक आर्थिक संजीवनी के रूप में प्रवेश करेगा।

इस परियोजना के अंतर्गत 72 किमी उत्तर प्रदेश में और 78 किमी उत्तराखंड में होगा। वर्तमान में, दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से लगभग पांच से छह घंटे का समय लगता है। लेकिन अगर यह ट्रेन सेवा शुरू होती है, तो यात्रा का समय मात्र ढाई से तीन घंटे में समाप्त हो जाएगा, जो यात्रा के अनुभव को एक नई सकारात्मक दिशा देगा।

परियोजना के संभावित लाभ

इस परियोजना के माध्यम से हो सकने वाले संभावित लाभ निम्नलिखित हैं:

  • दिल्ली से ऋषिकेश तक यात्रा का समय लगभग 5-6 घंटे से घटकर 2.5-3 घंटे रह सकता है।
  • हरिद्वार और ऋषिकेश तक तीर्थयात्रियों को तेज और आरामदायक परिवहन सुविधा मिलेगी।
  • परियोजना पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी।
  • सड़क यातायात की अधिकता और प्रदूषण में कमी आएगी।

हालांकि, ध्यान देने योग्य है कि यह परियोजना अभी डीपीआर और सर्वेक्षण चरण में है। वास्तविक कार्य की शुरुआत पर तब विचार किया जाएगा जब सभी आवश्यक अनुमतियाँ और वित्तीय मंजूरी प्राप्त की जाएं। इस प्रकार, फिलहाल इसे केवल प्रस्तावित योजना ही माना जाएगा।

मुख्यमंत्री का दृढ़ संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस परियोजना के महत्व को न केवल राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार लाने के रूप में प्रस्तुत किया है, बल्कि इसके द्वारा रोजगार और पर्यटन के नए अवसरों के सृजन की दिशा में एक कदम भी बताया है। इस प्रयास के लिए उन्होंने नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी नए प्रस्तावों पर चर्चा की थी।

यदि यह योजना सफल होती है, तो उत्तराखंड में पहली बार हाई स्पीड क्षेत्रीय रेल नेटवर्क की स्थापना होगी, जो राज्य के परिवहन इतिहास में एक प्रमुख बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

इस उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ी अन्य जानकारी और अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें.

साथ ही, यह आवश्यकता है कि हम सभी इस विषय में जागरूक रहें और अपने प्रदेश के विकास में योगदान दें।

ध्यान रहे, यह उत्तराखंड राज्य की नई परिवहन प्रणाली के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, और इसकी सफलता सभी को एक नई यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।

टीम नेटा नगरी - पूजा शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow