मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से इस्तीफा: वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी का मामला

Rajkumar Dhiman, Dehradun: पंडित राम सुमेर शुक्ला स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में प्राचार्य पद पर नई नियुक्ति के बाद विवाद गहरा गया है। अब तक कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहीं वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. ऊषा रावत ने शासन की स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए सचिव स्वास्थ्य को … The post मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से हटाने पर भेजा इस्तीफा, वरिष्ठता क्रम को दरकिनार करने का आरोप appeared first on Round The Watch.

Aug 5, 2026 - 00:37
 101  6.4k
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से इस्तीफा: वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी का मामला
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से इस्तीफा: वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी का मामला

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से इस्तीफा: वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी का मामला

राजकुमार धीमान, देहरादून: पंडित राम सुमेर शुक्ला स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में प्राचार्य की नई नियुक्तियों के चलते विवाद गहरा गया है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. डॉ. ऊषा रावत ने शासन की स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने प्राचार्य पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद से कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।

प्रो. डॉ. ऊषा रावत का कार्यकाल और इस्तीफे का कारण

फरवरी 2026 में प्रो. ऊषा रावत को राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया था। कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में उन्होंने कॉलेज का प्रशासनिक दायित्व संभाला। हाल ही में, शासन ने विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्राचार्यों के तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश दिया। इस आदेश के तहत, प्रो. चंद्रप्रकाश भैंसोड़ा को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया, जबकि प्रो. ऊषा रावत को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का विभागाध्यक्ष बना दिया गया।

वरिष्ठता के नियमों की अनदेखी का आरोप

नई नियुक्ति पर प्रो. ऊषा रावत ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि उनकी सेवा को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारी को प्राचार्य बनाया गया है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से हरिद्वार या देहरादून में स्थानांतरण की मांग कर रही थीं, लेकिन शासन ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया।

प्रो. ऊषा रावत का प्रशासनिक अनुभव और शिकायतें

प्रो. ऊषा रावत ने शासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और सेवा की अवधि के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र में नियमानुसार छह वर्ष की सेवा पूरी की है, जबकि कुछ अन्य अधिकारियों ने एक माह की भी सेवा नहीं की है। इस प्रकार, वरिष्ठता और निर्धारित नियमों की अनदेखी होना ठीक नहीं है।

नए प्राचार्य का कार्यभार संभालना

इस बीच, प्रो. चंद्रप्रकाश भैंसोड़ा ने राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर के नए प्राचार्य के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के प्राचार्य थे। प्रो. ऊषा रावत को अब रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का विभागाध्यक्ष बना दिया गया है।

प्रशासनिक माहौल पर प्रभाव

प्राचार्य पद को लेकर यह विवाद मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक माहौल पर गहरा असर डाल सकता है। यह महत्वपूर्ण होगा कि सचिव स्वास्थ्य स्तर पर प्रो. ऊषा रावत के पत्र और उनके द्वारा उठाए गए वरिष्ठता संबंधी सवालों पर शासन का क्या रुख होगा।

कम शब्दों में कहें तो, प्रो. ऊषा रावत ने शासन द्वारा की गई वरिष्ठता की अनदेखी के कारण प्राचार्य पद से इस्तीफा दिया है। अब कॉलेज के नए प्रशासनिक ढांचे पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Netaa Nagari

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: Netaa Nagari.

सादर, टीम नेटा नगर - सुमन राठी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow