बबीता पांडे की लापता होने की गुत्थी: 150 सदस्यीय टीम का खोज अभियान, नई खोज झील पर केंद्रित

देहरादून उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दयारा बुग्याल ट्रेक से अचानक लापता हुई 24 वर्षीय युवती बबीता पांडे का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है।…

Jun 4, 2026 - 09:37
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बबीता पांडे की लापता होने की गुत्थी: 150 सदस्यीय टीम का खोज अभियान, नई खोज झील पर केंद्रित
बबीता पांडे की लापता होने की गुत्थी: 150 सदस्यीय टीम का खोज अभियान, नई खोज झील पर केंद्रित

बबीता पांडे की लापता होने की गुत्थी: 150 सदस्यीय टीम का खोज अभियान, नई खोज झील पर केंद्रित

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के उत्तरकाशी जिले में 24 वर्षीय युवती बबीता पांडे, जो कि दयारा बुग्याल ट्रेक से अचानक लापता हो गई थीं, उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

यह मामला तब से चर्चा का विषय बना हुआ है जब 25 मई को बबीता अपने दोस्तों के साथ निकल पड़ी थीं। प्रशासन ने उनकी तलाश के लिए अभियान को तेज कर दिया है। एक नई जानकारी के अनुसार, बबीता पांडे को ढूंढने के लिए सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी इस खोज में शामिल किया गया है।

व्यापक खोज अभियान

खोज अभियान के तहत अब लगभग 150 सदस्यीय संयुक्त दल, जिसमें सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग के लोग शामिल हैं, ने दयारा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है। इस टीम ने घने जंगलों, खतरनाक ढलानों और ट्रेक मार्गों पर खोजबीन की है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

झील पर केंद्रित खोज

पांच दिनों के संघर्ष के बाद, अब रेस्क्यू टीमों की नजर एक झील पर टिक गई है। यह झील गोई बेस कैंप के बहुत निकट स्थित है, जहां से बबीता के लापता होने की आखिरी जानकारी मिली थी। संकट के इस दौर में जब अन्य स्थानों से कोई सुराग नहीं मिला, तो सर्च ऑपरेशन का पूरा फोकस इस झील पर केंद्रित कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, यहाँ से बबीता पांडे के बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। घटना के मद्देनजर, एक विशेष छह सदस्यीय औपचारिक दीप ड्राइव सर्च टीम भी मौके पर पहुंचकर अपनी जांच शुरू करने वाली है।

यात्रा का विवरण

जानकारी के अनुसार, बबीता पांडे 25 मई को ऊधम सिंह नगर से अपने दो दोस्तों के साथ यात्रा पर निकली थीं। उन्होंने 25 मई को देहरादून में रात बिताई और 26 मई को हर्षिल पहुंची। वहाँ से उन्होंने गंगोत्री क्षेत्र में भ्रमण किया और अंततः दयारा बुग्याल ट्रेक पर पहुँचीं।

साथियों से पूछताछ

तय कार्यक्रम के अनुसार, बबीता का संपर्क 28 मई को रैथल गांव में हुआ था। इसके बाद 29 मई को वे दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। बबीता के इस मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस दौरान उनके साथ मौजूद दोनों युवकों से पुलिस ने मनेरी में पूछताछ की है।

निष्कर्ष

बबीता पांडे की लापता होने की घटना ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। परिवार और मित्रजन उनकी तलाश में जुटे हुए हैं, और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। स्थानीय समुदाय भी इस खोज में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। बबीता के जल्द ही मिलने की आशा है।

आप इस मामले पर नवीनतम अपडेट के लिए Netaa Nagari पर जा सकते हैं।

सादर,

टीम नेटा नगरी, साक्षी शर्मा

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