नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर चर्चा: 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन में जुटे विद्वान, प्रो वी एन खाली रहे मुख्य अतिथि

आज दिनांक 27/05/2026 को UGC-MMTTC अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय,अलीगढ़ व इतिहास विभाग,महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी, यमकेश्वर,पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखंड के संयुक्त

May 28, 2026 - 00:37
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नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर चर्चा: 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन में जुटे विद्वान, प्रो वी एन खाली रहे मुख्य अतिथि
नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर चर्चा: 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन में जुटे विद्वान, प्रो वी एन खाली रहे मुख्य अतिथि

नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर चर्चा: 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन में जुटे विद्वान, प्रो वी एन खाली रहे मुख्य अतिथि

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कम शब्दों में कहें तो, 27 मई 2026 को UGC-MMTTC अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और इतिहास विभाग महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभिन्न राज्यों से आए इन प्रतिभागियों ने नई शिक्षा नीति (NEP) के विभिन्न पहलुओं पर ज्ञानवर्धन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रोफेसर एम एम सूफियान बेग द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने व्याख्यान में आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर चर्चा की।

प्रमुख वक्ताओं की राय

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में, प्रो एस के सिंह, जो HNB विश्वविद्यालय श्रीनगर के भूतपूर्व कुलपति हैं, ने "Teaching and Research का इंटरकनेक्ट" विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। यह महत्वपूर्ण व्याख्यान दर्शाता है कि कैसे शिक्षा और अनुसंधान के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित किया जा सकता है।

मुख्य अतिथि प्रो वी एन खाली, निदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड, ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर फायजा अब्बासी, डायरेक्टर, एमएमटीसी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, और आमंत्रित अतिथि प्रो आनंद सिंह उनियाल, संयुक्‍त निदेशक, उच्च शिक्षा उत्तराखंड, ने भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व

यह कार्यक्रम विशेष रूप से नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में कार्य करता है। इसमें विभिन्न शिक्षा नीति की समस्याओं और उनके समाधान पर खुलकर चर्चा की गई। इस घटना ने यह दिखाया कि नई शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक गहराई से विचारित प्रक्रिया है जिसे शिक्षकों और संस्थानों को समझना और कार्यान्वित करना जरूरी है।

डॉ उमेश त्यागी, Assistant Professor, इतिहास विभाग, ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को उत्साहित करते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन से सभी को एकत्रित होकर विचार-विमर्श का अवसर मिलता है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो योगेश कुमार शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समापन की घोषणा की।

आगे का रास्ता

नई शिक्षा नीति का कार्यान्वयन और इसकी चुनौतियाँ निश्चित रूप से एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन इस प्रकार के कार्यक्रम इसके सफल कार्यान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। हमें यह समझना होगा कि शिक्षा केवल एक पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि यह नए दृष्टिकोण, विचारों और दृष्टिमानों का संग्रह है।

इस कार्यक्रम में शामिल सभी शिक्षाविदों, प्राध्यापकों और भागीदारों ने इस बात पर जोर दिया कि NEP के तहत शिक्षा में न केवल गुणवत्ता बढ़ानी है, बल्कि इसे और अधिक प्रासंगिक और रोजगारपरक बनाना भी है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों में श्री महेन्द्र सिंह बिष्ट, डॉ गिरीराज सिंह, एवं डॉ विनय पांडेय शामिल रहे।

इस प्रकार, यह 8 दिवसीय NEP ओरिएंटेशन एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार के लिए प्रेरित किया। आगे चलकर, सभी प्रतिभागियों को चाहिए कि वे इस ज्ञान को अपने शिक्षण में शामिल करें और अपने संस्थानों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप ढालें।

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सादर,

टीम नेटा नगरी

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