चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा है सबसे महत्वपूर्ण, मुख्यमंत्री धामी का संदेश
प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत, यात्रा का आनंद लेने की अपील कर्णप्रयाग
चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता बताई है और अफवाहों से बचने का आग्रह किया है।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखा जाए। उन्होंने प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत किया, साथ ही उनसे उत्तराखण्ड के शांत वातावरण में यात्रा का आनंद लेने की अपील भी की।
सुविधाएं और सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड एक अद्भुत सांस्कृतिक धरोहर है और यहाँ आने वाले हर एक व्यक्ति का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जो इस यात्रा की लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हेमकुंट साहिब यात्रा में भी पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक श्रद्धालुओं के आने का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
कर्णप्रयाग और नगरासू में घटनाएं
मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हालिया घटनाओं के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी मामलों में कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, और भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अफवाहों से सावधान रहने की सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से समाज में दरार पनप सकती है। उन्होंने अपील की कि सभी समाचारों की सत्यता की जांच करें और धर्मों के बीच सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि भ्रामक और भड़काऊ समाचार फैलाने वालों के खिलाफ कानून के भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित प्रमुख पवित्र स्थलों का सम्मान करना इस राज्य की समृद्ध संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ के सिद्धांत के तहत सभी धर्मों के लोगों का स्वागत किया जाता है।
समाज में संवाद और सौहार्द की आवश्यकता
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहना चाहिए, और किसी भी समय धर्म या विश्वास को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। संवाद और सद्भाव के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान संभव है।
मुख्यमंत्री की इस उच्चस्तरीय बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
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सादर, टीम नेटा नगरी - सुमित्रा यादव
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