श्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों में तेज़ रफ्तार: हेमंत द्विवेदी

*19 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी।* देहरादून 17 अप्रैल ।

Apr 18, 2026 - 09:37
 144  6.5k
श्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों में तेज़ रफ्तार: हेमंत द्विवेदी
श्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों में तेज़ रफ्तार: हेमंत द्विवेदी

श्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा तैयारियों में तेज़ रफ्तार: हेमंत द्विवेदी

कम शब्दों में कहें तो, 19 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान करेगी।

देहरादून, 17 अप्रैल। भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा, श्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारियों में भीषण गति से काम चल रहा है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तेजी से इन दोनों धामों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

प्रमुख यात्रा तिथियाँ

हर साल लाखों श्रद्धालु इन तीर्थ स्थलों पर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं, और इसी कारण से यात्रा की तैयारियों को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 19 अप्रैल को केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली उखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर से प्रस्थान करेगी। ढाई दिन तक विभिन्न पड़ावों पर विश्राम करते हुए, यह डोली 21 अप्रैल की शाम को केदारनाथ धाम पहुंचेगी।

यात्रा का पंजीकरण

इस वर्ष अब तक 18 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है, जिसमें 6.25 लाख श्रद्धालुओं ने केदारनाथ और 5.5 लाख ने बदरीनाथ धाम के लिए पंजीकरण करवाया है। यह संख्या इस बात का स्पष्ट संकेत है कि श्रद्धालुओं में तीर्थ यात्रा को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है।

कॉन्फ़्रेंस में चर्चा

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में यात्रा तैयारियों को त्वरित गति से संपन्न किया जा रहा है। इस वर्ष, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोल दिए जाएंगे।

डोली यात्रा की योजना

डोली यात्रा के पहले पड़ाव का नाम फाटा होगा। 20 अप्रैल को डोली गौरीकुंड पहुंचेगी और फिर 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुँच जाएगी। इसके तुरंत बाद, 22 अप्रैल को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद धाम के कपाट खोले जाएंगे।

सुरक्षा उपाय और व्यवस्थाएँ

हेमंत द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर समिति द्वारा यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक उपायों पर कार्य किया जा रहा है। यात्रा के दौरान अलग-अलग नियमों का पालन किया जाएगा, जैसे - गैर सनातनियों को धामों में प्रवेश पर पाबंदी, वीडियो और फ़ोटो खिंचवाने पर प्रतिबंध। इसके अलावा, मंदिरों की सुंदरता को भी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवास और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा सुगम हो सके।

श्रद्धालुओं में उत्साह

इस बात पर ज़ोर दिया गया कि श्रद्धालुओं के बीच कपाट खुलने को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना हैं। समिति की प्राथमिकता है कि सभी श्रद्धालुओं को भगवान के सरल और सुगम दर्शन उपलब्ध कराए जाएं।

अंत में, यह कहना आवश्यक है कि इन प्रक्रियाओं के माध्यम से, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि धर्मस्थलों की यात्रा आसान और आनंददायक हो। भगवान केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा हमेशा से श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण रही है, और इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि यह एक सफल यात्रा साबित होगी।

For more updates, visit Netaa Nagari.

Team Netaa Nagari, साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow