उत्तराखण्ड में पहली बार SIM Box से संचालित अवैध टेलीग्राम गेटवे का भंडाफोड़: STF ने 114 अवैध सिम कार्ड, 2 SIM Box, और अन्य उपकरणों को किया बरामद

देहरादून सीएम धामी के साइबर अपराध मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प एवं पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराध एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन…

Sep 22, 2026 - 18:37
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उत्तराखण्ड में पहली बार SIM Box से संचालित अवैध टेलीग्राम गेटवे का भंडाफोड़: STF ने 114 अवैध सिम कार्ड, 2 SIM Box, और अन्य उपकरणों को किया बरामद
उत्तराखण्ड में पहली बार SIM Box से संचालित अवैध टेलीग्राम गेटवे का भंडाफोड़: STF ने 114 अवैध सिम कार्ड, 2 SIM Box, और अन्य उपकरणों को किया बरामद

अवैध टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़: उत्तराखंड में सक्रिय SIM Box पकड़ा गया

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में पहली बार SIM Box का उपयोग करते हुए अवैध टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़ किया गया है। STF ने 114 अवैध सिम कार्ड, 2 SIM Box और 77 एंटीना सहित कई उपकरण बरामद किए हैं।

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को साइबर अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से जारी ऑपरेशन हॉट स्पॉट के अंतर्गत, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, साइबर कुमाऊँ टीम ने बाजपुर, ऊधमसिंहनगर में एक अवैध SIM Box से संचालित टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़ किया है।

SIM Box का भंडाफोड़

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF, अजय सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई लंबी तैयारी और अनुसंधान के बाद की गई है। STF की साइबर टीम ने दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ सहयोग करते हुए कई महीनों तक इस विषय पर जानकारी इकट्ठा की। अंततः, बाजपुर क्षेत्र में एक मकान से SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे के संचालन की सूचना मिली।

मुख्य आरोपी कादिर, जो कि 24 वर्ष का है और मुरादाबाद का निवासी है, को इस कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से 2 SIM Box, 114 एयरटेल सिम कार्ड, 77 एंटीना, और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। FIR दर्ज कर उसकी आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध संचालन की विधि

जांच में पता चला है कि आरोपी SIM Box का उपयोग विदेशी कॉल्स को भारतीय नंबर के रूप में परिवर्तित करने के लिए कर रहा था, जिससे कॉल करने वाले की पहचान छिपाई जा रही थी। इस विधि से कॉल प्राप्त करने वाले के मोबाइल पर भारतीय नंबर दिखाई देता था, जो कई प्रकार के अपराधों के लिए उपयोगी था।

अवैध टेलीकॉम गेटवे में सिम कार्ड का इस्तेमाल विभिन्न व्यक्तियों की पहचान के साथ हो रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि कादिर का संपर्क बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से था, जिसके माध्यम से वह आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहा था। यह नेटवर्क करीब 7 महीनों से चल रहा था।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

अभियुक्त कादिर का पूर्व में भी साइबर अपराधों से जुड़ाव रहा है और 2023 में वह SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ कई प्राथमिक दस्तावेज पहले ही पंजीकृत हैं।

STF की कार्रवाई की प्रगति

STF की टीम ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का लक्ष्य रखा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF ने बताया कि सीधे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और नेटवर्क से जुड़ी अन्य घटनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

साइबर सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण मामले से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में अवैध टेलीकॉम गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी है।

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संगठन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि साइबर सुरक्षा के मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन एकजुटता से काम कर रहे हैं।

टीम नेटा नागरी

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